हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क, सशक्त और प्रतिबद्ध : उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
आगजनी की घटनाओं में दमकल को दें प्राथमिकता , जनसहयोग से बचेंगी जानें
नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि: आधुनिक संसाधनों से सशक्त अग्निशमन तंत्र
24 घंटे मुस्तैद दमकल विभाग की टीम के जांबाज,112 नंबर और 2650458 डायल पर लेते तुरंत एक्शन
मजबूत उपकरण, प्रशिक्षित टीम और त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित रहेगा जिला
BOL PANIPAT , 5 अप्रैल। जिले के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की आपदा चाहे वह आगजनी की घटना हो, सड़क दुर्घटना हो या भवन ढहने जैसी स्थिति हो, हर परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क, सशक्त और प्रतिबद्ध है। अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मियों और मजबूत संसाधनों से लैस है। हमारा लक्ष्य हर संकट में त्वरित कार्रवाई करते हुए जन-धन की हानि को न्यूनतम करना और आमजन को सुरक्षा का भरोसा देना है। जहां भी संसाधनों की आवश्यकता होगी, उन्हें और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा,” यह कहना है उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया का।
उपायुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जब भी कहीं आगजनी या आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को सड़क पर प्राथमिकता के आधार पर तुरंत रास्ता दें, ताकि वे समय पर घटनास्थल पर पहुंचकर जान-माल की हानि को कम कर सकें।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि जिले में अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं और संसाधनों से सुसज्जित किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। शहर के हाली पार्क, सेक्टर-25 स्थित अग्निशमन केंद्र लाल बत्ती उपकेंद्र और समालखा केंद्र में उपलब्ध संसाधन और व्यवस्थाएं इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
फायर स्टेशन ऑफिसर गुरमील ने बताया कि
अग्निशमन केंद्र में वर्तमान समय में जल टैंकर, छोटा बचाव वाहन और मोटरसाइकिल जैसे प्रमुख वाहन पूरी तरह कार्यरत स्थिति में हैं। ये वाहन शहर और आसपास के क्षेत्रों में आगजनी या अन्य आपात घटनाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त धुंध प्रणाली से युक्त उपकरण भी उपलब्ध हैं, जो आग पर नियंत्रण पाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आग पर काबू पाने के लिए केंद्र में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद हैं।
उनके अनुसार
इनमें एबीसी प्रकार के 10 अग्निशामक यंत्र, कार्बन डाइऑक्साइड के 5 यंत्र और लगभग 400 लीटर फोम (झाग) शामिल हैं। इसके साथ ही 2 श्वास यंत्र (बीए सेट) भी उपलब्ध हैं, जो धुएं से भरे वातावरण में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। हर गाड़ी में फस्टेड बॉक्स भी उपलब्ध है।
फायर स्टेशन ऑफिसर ने बताया कि
अग्निशमन कर्मियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 50 हेलमेट, 35 रबर जूते, 40 विशेष वर्दियां (डांगरी), रबर के दस्ताने और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 10 अग्निशमन कुल्हाड़ियां, 4 औजार किट और टॉर्च जैसी सुविधाएं भी केंद्र में मौजूद हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य को सुचारु रूप से संपन्न करने में मदद करती हैं।
बचाव कार्यों के लिए भी विभाग के पास अत्याधुनिक उपकरणों की पूरी व्यवस्था है। इनमें 4 प्राथमिक उपचार पेटियां, 4 मजबूत रस्सियां, 2 चेन आरी, 2 राउंड आरी, 2 हाइड्रोलिक कटर, 2 हाइड्रोलिक जैक और 2 हाइड्रोलिक स्पाइडर शामिल हैं। ये उपकरण सड़क हादसों, भवन गिरने या अन्य गंभीर दुर्घटनाओं के दौरान तेजी से राहत और बचाव कार्य करने में बेहद कारगर साबित होते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि
मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्षम है। केंद्र में नियमित चालक, अग्निशमन संचालक, सह-चालक और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों सहित पर्याप्त संख्या में स्टाफ तैनात है।
125 जाबांज कर्मचारियों
यह पूरी टीम 24 घंटे 112 नंबर के डायल करने के परिणाम को मुस्तैद रहकर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहती है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि प्रशासन आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की घड़ी में त्वरित प्रतिक्रिया देना और लोगों को सुरक्षित निकालना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि समय-समय पर संसाधनों का आकलन किया जाता है और जहां भी सुधार या विस्तार की आवश्यकता होती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाता है।
हालांकि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण मौजूद हैं, फिर भी कुछ पुराने वाहनों के नवीनीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस दिशा में भी प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की चुनौती का और अधिक प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।
विदित रहे कि उपलब्ध संसाधनों, आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित 125 कर्मचारियों के दम पर जिले का अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग हर परिस्थिति में तत्पर और सक्षम नजर आ रहा है। प्रशासन की सक्रियता और सतर्कता से यह स्पष्ट है कि जिले में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आम जनता को सुरक्षा और भरोसे का मजबूत आधार मिल सके।

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