साइकिल अपनाएं, प्रदूषण घटाएं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दें :उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
साइकिल: स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और सशक्त भविष्य की पहचान
विश्व साइकिल दिवस पर उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया का प्रेरक संदेश
हर पैडल के साथ स्वास्थ्य, बचत और पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ता कदम
BOL PANIPAT , 3 जून। बुधवार को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साइकिल केवल एक साधारण यातायात साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के आधुनिक युग में जब प्रदूषण, ट्रैफिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे समय में साइकिल का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।
उपायुक्त ने कहा कि नियमित रूप से साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है, हृदय मजबूत बनता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति अधिक ऊर्जावान और सक्रिय महसूस करता है। साइकिल एक ऐसा साधन है जो बिना किसी ईंधन के चलता है और पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता। इसलिए यह आने वाले समय की सबसे उपयोगी और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था के रूप में उभर रही है।

डॉ. दहिया ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में साइकिल का अधिकाधिक उपयोग कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि छोटी दूरी की यात्राओं के लिए लोग साइकिल को प्राथमिकता दें तो वायु प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ ईंधन की बचत भी होगी और सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि साइकिल हमें अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश देती है। यह केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बेहतर नहीं बनाती, बल्कि समाज को भी स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में योगदान देती है। विश्व साइकिल दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है कि हम अपने दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि
“साइकिल एक ऐसा साधन है जो व्यक्ति को स्वास्थ्य, समाज को स्वच्छता और प्रकृति को संरक्षण प्रदान करता है। आज आवश्यकता है कि हम सुविधा के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें। प्रत्येक नागरिक यदि छोटी दूरी के लिए साइकिल को अपनाए तो हम प्रदूषण मुक्त, स्वस्थ और हरित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है।”
उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से साइकिल चलाने की आदत विकसित करें तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें। विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल को अपनाने का संकल्प न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

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