मानव तस्करी, बंधुआपन और बाल शोषण मानवता पर कलंक : सुरेन्द्र मान।
-एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस 11 जनवरी पर पानीपत और देश से बाल श्रम, बाल तस्करी और मानव तस्करी को खत्म करने का संकल्प।
BOL PANIPAT : एमसीडी ऑफ इंडिया के निदेशक सुरेन्द्र मान ने कहा कि 11 जनवरी को राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस एक ऐसे अपराध की ओर ध्यान आकर्षित करता है जो दुनिया भर में मानव जीवन, परिवारों और समुदायों पर गहरा प्रभाव डालता है। वर्ष 2010 में राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, प्रत्येक जनवरी को राष्ट्रीय गुलामी और मानव तस्करी रोकथाम माह के रूप में नामित किया गया है। राष्ट्रीय गुलामी और मानव तस्करी रोकथाम माह की शुरुआत के बाद, गैर-सरकारी संगठनों की मदद से, राष्ट्रीय मानव तस्करी दिवस की शुरुआत हुई और इसे हर साल 11 जनवरी को मनाया जाता है।
मानव तस्करी को गुलामी का एक आधुनिक रूप माना जाता है। इस अवैध कृत्य में श्रम या यौन संबंध प्राप्त करने के लिए बल, धोखाधड़ी या जबरदस्ती का उपयोग शामिल है। तस्कर अपने पीड़ितों को तस्करी की स्थितियों में फंसाने के लिए हिंसा, हेरफेर या झूठे वादों का इस्तेमाल करते हैं। तस्करी के शिकार आमतौर पर शारीरिक और/या मनोवैज्ञानिक शोषण का सामना करते हैं। वे यौन शोषण, भोजन और नींद से वंचित, परिवार के सदस्यों को धमकियाँ और बाहरी दुनिया से अलगाव भी झेल सकते हैं। पीड़ित के परिवार के सदस्यों को भी धमकाया जा सकता है।
इस दिन का लक्ष्य यौन तस्करी के अपराध के बारे में अधिक जागरूकता लाना है। हर साल, दुनिया भर के संगठन समुदायों को सहायता प्रदान करते हैं, स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देते हैं और जागरूकता बढ़ाने के लिए शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
उन्होंने मानव तस्करी को खत्म करने के लिए लोगों से अपील की और निवेदन किया कि
अपने विधायकों को पत्र लिखें या फोन करें और उन्हें मानव तस्करी से निपटने के लिए अपनी समर्थन नीति से अवगत कराएं।
ऐसे कार्यक्रमों का समर्थन करें जो आपके समुदाय, स्कूलों और पड़ोस में जागरूकता बढ़ाते हों।
अगर आपको संदेह है कि कोई व्यक्ति मानव तस्करी का शिकार है, तो 1-888-373-7888 पर राष्ट्रीय मानव ट्रैकिंग हॉटलाइन से संपर्क करें। आप 911 पर कॉल करके स्थानीय कानून प्रवर्तन से भी संपर्क कर सकते हैं।
किशोरों व युवाओं को असुरक्षित या संदिग्ध वातावरण छोड़ने का निर्णय लेने में सक्षम बनाएं।
एमडीडी ऑफ इंडिया के निदेशक और राज्य प्रभारी सुरेंद्र मान ने बताया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा अधिकार आयोग की तरफ से पूरे देश में बड़े पैमाने पर बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल यौन शोषण को रोका जा सके।
जिला समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि संस्था पिछले अगस्त से अब तक पानीपत में 50 से ज्यादा बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करवा चुकी है और पूरे हरियाणा में 1300 से ज्यादा बच्चों और भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों को रेस्क्यू कर चुकी है। कई मामलों में गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलने में मदद भी की गई है।

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