Thursday, September 10, 2026
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विद्या भारती माॅडर्न स्कूल में धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया स्वतन्त्रता दिवस.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at August 15, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 15 अगस्त 2024ः- विद्या भारती माॅडर्न स्कूल, खादी आश्रम, पानीपत के तत्वावधान में देश का 78वां स्वतन्त्रता दिवस खादी आश्रम, जी. टी. रोड, पानीपत में बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर निर्मल दत्त द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल का स्टाफ, विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी, खादी आश्रम पानीपत व भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र पानीपत एवं रचनात्मक संस्थाओं के अनेक कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी उपस्थित थे।
 विद्या भारती माॅडर्न स्कूल, पानीपत की डायरेक्टर एवं भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र पानीपत, खादी आश्रम पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा निर्मल दत्त ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि बहुत लम्बे संघर्ष के बाद देशभक्तों के बलिदान और त्याग के कारण ही हमें यह स्वतन्त्रता मिली है जिसके कारण हम आज खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। जिन आदर्शों एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए देश भक्तों ने अपनी शहादत दी थी उसे व्यर्थ न जाने दें। इस दिन का ऐतिहासक महत्व समझाते हुए कहा कि इस दिन की याद आते ही उन शहीदों के प्रति श्रद्धा से मस्तक अपने आप ही झुक जाता है जिन्होंने स्वतन्त्रता के यज्ञ में अपने प्राणों की आहूति दी। इसलिए हमारा पुनीत कत्र्तव्य है कि हम अपनी स्वतन्त्रता की रक्षा करें। हम ऐसा कार्य करें जिससे हमारे देश का नाम विश्व में रोशन हो। हम देश की प्रगति के बाधक न बन कर साधक बनें। भारत के नागरिक होने के नाते स्वतन्त्रता का न तो स्वयं दुरूपयोग करें और न ही दूसरों को करने दें। उन्होंने आगे जानकारी दी कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सबसे पहले जातिवाद, साम्प्रदायिकता और छूआछूत तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध संघर्ष किया और सारे देश को कन्याकुमारी से काश्मीर तक एक सूत्र में पिरोया और इसके बाद ही उन्होंने सत्याग्रह प्रारम्भ किया परंतु वर्तमान समय में साम्प्रदायिकता, धार्मिक भेदभाव, आपसी भाई-चारे में कमी, असमानता, जातिवाद, छूआछूत की घटनाओं में जो वृद्धि हो रही है वह एक चिन्ता का विषय है। वर्तमान समय में समाज में फैली इन कुरीतियों के विरूद्ध एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान के अनुसार हमें बहुत अधिकार दिए गए हैं परंतु उसके साथ-2 हमारे कत्र्तव्यों का भी निर्धारण किया गया है। जिसके अनुसार हमें देश की एकता और अखण्डता की बहादुरी से सुरक्षा करनी है। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगो व उस पर बने अशोक चक्र के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी, उन्होंने यह भी बताया कि हमें अपने राष्ट्रीय झण्डे, राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय प्रतीकों का पूरा सम्मान करना है। हमें किसी प्रकार की हिंसक कार्यवाही में भाग नहीं लेना है। हमें निजी एवं सामूहिक प्रत्येक गतिविधियां इस प्रकार श्रेष्ठता से करनी है जिससे कि हमारा देश दुनिया के सभी देशों में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके।
इसके पश्चात निर्मल दत्त ने राष्ट्रीय स्वतन्त्रता, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन अर्पित करने तथा अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने की प्रतिज्ञा भी दिलवाई।

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