Thursday, May 21, 2026
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जागरूकता, पोषक भोजन और आदर्श जीवन शैली से कैंसर, ह्रदय रोग और डायबिटीज जैसे रोगों से बचना संभव: डॉ अनुपम अरोड़ा

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at April 7, 2022 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपतमें वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर वेब परिचर्चा का आयोजन

प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को तनाव और व्यसनों से बचने का किया आह्वान

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर वेब चर्चा का आयोजन किया गया जिसमे बतौर मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने शिरकत की और विश्व भर में फैलतेकैन्सर, ह्रदय रोग औरडायबिटीजकीसमस्याओं और इनसे बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की.इस अवसर पर कॉलेज के लगभग 250 छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने परिचर्चा में हिस्सा लिया और अपने मन में व्याप्त सवालों के जवाब प्राप्त किये.विदित रहे की कोरोना काल में वैसे भी समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी तनाव और अवसाद से ग्रसित है. वेब परिचर्चा के माध्यम से ऐसी ही शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गयाताकि हर व्यक्ति न सिर्फ सकारात्मक और खुशदिल बने बल्कि अपने स्वास्थ्यकी भी पूरी तरह से देखभाल करे. वेब चर्चा में डॉ राहुल जैन, डॉ रवि रघुवंशी, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ प्रवीण खेरडे, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ एसके वर्मा, दीपक मित्तल आदि ने भी शिरकत की.

ज्ञात रहे कि विश्व स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड हेल्थ डे) 7 अप्रैल के दिन मनाया जाता है क्यूंकिइसकीस्थापना 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी. इस दिन को मनाने का उद्देश्यलोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना औरअलावा विश्व में फैल रही समस्याओं पर विचार विमर्श करना है.स्वास्थ्य मुद्दों को उठाने के लिएडब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में हर वर्षस्वास्थ्य से संबंधित कई कार्यक्रमों का आयोजन होता है और प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम निर्धारित की जाती है. वर्ष 2022काथीम ‘हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य’ है जिसका अर्थ है कि हमें स्वस्थ रहने के लिए इस धरती को भी स्वस्थ रखना जरूरी है. डब्लूएचओ फैलते प्रदुषण, महामारी, कैंसर, ह्रदय रोगों और डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों के बीच विश्व सवास्थ्य दिवस पर लोगों को और इस ग्रह को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी कार्यों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित कर रहा है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कैंसर, ह्रदय रोग और डायबिटीज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही बीमारियाँ है.तनाव, जंक फ़ूड, व्यायाम न करना, घर में भी भोजन को ठीक से न बनाना आदि इंसान के दुश्मन बन गए है. उन्होनें कहा की हमें प्रतिदिन थोड़ा समय व्यायाम और योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए. अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैतो कम से कम टहल तो सकते ही हैं. हमें अपनी सेहत के अनुरूपआहारलेना चाहिए. आजकल के व्यस्त जीवन में लोगों के पास समय ही नहीं है की वे घर पर खाना बना और खा सके. फास्टफ़ूडऔर रेस्तरां की संस्कृति ने हमारे शरीर का सत्यानाश कर दिया है.खाद्य-सामग्री और तलने के लिए इस्तेमाल होने वाला तेल भी मिलावटी हो गया है. इनका सारा दंश हमारेशरीर को झेलना पड़ता है.हमें तेल का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए और रेशेवाले आहार को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए. ताजी सब्जियां और फलशरीरके लिए बहुत फायदेमंदहोतेहै. हमेंअपना भोजन समय पर करना चाहिए और ज्यादा खाने से बचना चाहिए. हमें जीने के लिए खाना चाहिए न की खाने की लिए जीना चाहिए.तंबाकू और शराब भी मानव शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते है. ऐसे में इनका सेवन नहीं करना चाहिए.हमेंखानेके समय की अवधि का सख्ती के साथ पालन करना चाहिए. मोटे अनाज जैसे मक्की, बाजरा इत्यादि को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए. उचित व्यायाम एवं योग भी इन बीमारियों से लड़ने में बहुत सहायक है. हमें अपनी डाइट में स्वास्थ्यवर्धक चीजें जैसे हल्दी, पालक, लहसुन, निम्बू, चुकंदर, अखरोट, दालों इत्यादि को जरुर शामिल करना चाहिए. इससे हमारा शरीर और दिमाग दोनों दुरुस्त रहते हैं. खान-पान से जुड़ी आदतों का असर हमारेकार्यों, रिश्तों और सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर पड़ता है. खुश रहने के महत्व पर बोलते हुए उन्होनें कहा कि आजकल दिल खोल कर हँसते हुए लोग कमहीमिलतेहै.वैसे भी हरियाणवी लोग अपने खुले दिल और स्पष्ट वाणी के लिए जग प्रसिद्ध है. जो जितनाअपना दिल खोलेगाउसका स्वास्थ्यउतना ही ठीक और मजबूत रहेगा. जीवन की चिंताएं छोड़ कर हमें तनावमुक्त और खुशनुमा माहौलका निर्माण करना चाहिए.एसडी पीजीकॉलेज ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर वेब चर्चा को आयोजित करके अपने सामाजिक बोध और दायित्व का निर्वाह किया है.

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