Friday, April 17, 2026
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खादी कार्यकर्ताओं ने चर्खा कताई करके सूत्र यज्ञ में भाग लेकर महात्मा गांधी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at October 2, 2023 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 2 अक्टूबर, 2023ः- खादी आश्रम, पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच के तत्वावधान में भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र पानीपत, विद्या भारती माॅडर्न स्कूल पानीपत एवं चेतना परिवार ट्रस्ट पानीपत के सहयोग से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं देशरत्न लाल बहादुर शास्त्री के पवित्र जन्म दिवस को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने किला ग्राउण्ड, पानीपत में उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस सभा की अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी दीपचन्द निर्मोही ने की तथा सभा का संचालन शालिनी ने किया। खादी कार्यकर्ताओं ने चर्खा कताई करके सूत्र यज्ञ में भाग लेकर दोनों महान नेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
       इस अवसर पर पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा निर्मल दत्त ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि गांधी जी के द्वारा आजादी के लिए स्वतंत्रता के साथ स्वराज, स्वाभिमान, स्वशासन, स्वदेशी वस्तुऐं एवं स्वदेशी भाषाओं के महत्व पर अधिक जोर दिया गया था। गांधी जी ने जो कहा था वह करके दिखाया भी था। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 2 नवम्बर व 10 दिसम्बर 1947 को साम्प्रदायिक सद्भाव और शरणार्थी भाईयों के रहने व खाने की व्यवस्था सही ढंग से हो सके इसलिए दो बार यहां आये थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन का बलिदान केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं किया बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए किया था जिससे कि देश का शासन तन्त्र मजबूत हो सके और देश का हर नागरिक उसका केन्द्र बिन्दु हो। देश में ऐसी व्यवस्था हो कि जनतंत्र शासन पर हावी हो, न कि शासन जनता पर।
     शास्त्री जी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे एक कुशल राजनेता थे जिन्होंने अपने छोटे से शासनकाल के दौरान ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया। उन्होंने शास्त्री जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन बहुत ही साधारण था परन्तु वे बहुत ही उच्च विचारों के व्यक्ति थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश को एक नई दिशा प्रदान की तथा ‘जय जवान जय किसान’ के नारे से देश में उत्साह भर दिया।
       अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में दीपचन्द निर्मोही ने बोलते हुए कहा कि ‘‘खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है’’ ये वाक्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था। खादी का नाम आते ही आज भी लोगों के मन में गांधी जी की छवि नजर आती है। वो तस्वीर जिसमें गांधी जी चर्खा चलाते नजर आते हैं, उसे देखकर हर भारतवासी जानता है कि गांधी, खादी और आजादी एक दूसरे के पूरक हैं। खादी हमेशा ही स्वतन्त्रता संग्राम का प्रतीक रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का हथियार राष्ट्र को दिया था।
महिपाल सुबेदार, जिला अध्यक्ष, फैडरेशन आफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन, पानीपत ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी द्वारा सत्य और अहिंसा का ऐसा हथियार हमें दिया है जिससे कि अंग्रेजों को भी देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि हमें गांधी जी के मार्ग पर चलने की आज के दिन प्रतिज्ञा लेनी चाहिए जिससे कि उनके सपनों के भारत का निर्माण हो सके।

       इस अवसर पर मुलखराज गुरेजा, संजीव चहल, प्रोग्राम ऑर्गनाइज, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम, पानीपत ने भी अपने-2 विचार रखें तथा राजिन्द्र सिंगला, सुरेन्द्र कादियान, कृष्ण नारंग, ओमप्रकाश, अवनिश, बलबीर सिंह एवं अन्य गणमान्य महानुभाव भी उपस्थित रहे। विद्या भारती माॅर्डन स्कूल, जनता मॉडर्न स्कूल, मैरी मॉडर्न स्कूल, एवन पब्लिक स्कूल, विश्व भारती पब्लिक स्कूल एवं अन्य कई स्कूलों के स्टाफ व विद्यार्थियों तथा चेतना परिवार के स्टाफ एवं पानीपत नगर के नागरिकों ने भी भाग लिया।
सभा के अन्त में उपस्थित नागरिकों को राष्ट्र, समाज और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ भी दिलवाई गई। राष्ट्रगान के साथ सभा विसर्जित की गई।

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