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शहद की गुणवता बताने के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान आरम्भ किया

By LALIT SHARMA , in Business , at May 20, 2022 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : 20 मई प्रतिवर्ष  विश्व मधुमक्खी दिवस बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है.  मधुमक्खियां मनुष्य, पौधे, जीव जंतु और पर्यावरण के बीच समन्वय बनाकर रखती हैं। बिना  मधुमक्खियों के विश्व भर मे भोजन की कमी होगी तथा हमारी आबादी की एक बहुत बड़ी संख्या भूख की शिकार हो जाएगी। ऐसा इसलिए है कि मधुमक्खियां विश्व भर में पराग कणों के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाती है।शहद की गुणवता बताने के लिए क्षेत्रीय हरियाणा खादी मंडल तहसील रोड पानीपत ने लोगों को जागरूक करने का अभियान के डी शर्मा, प्रबंधक के नेतृव में आरम्भ किया है। ग्राहकों को शहद खरीदने पर 15 प्रतिशत डिस्काउंट  20 से 23 मई तक दिया जा रहा है।   शहद की गुणवत्ता और लाभ के बारे में 5000 पैम्फलेट वितरित किया गया है।

मधुमक्खी पालन का इतिहास 4500 वर्ष पुराना है। आधा किलो शहद बनाने के लिए मधुमक्खी लगभग दो लाख फूलों का रस एकत्रित करती है, 90000 मील उड़ती है। अपने जीवन काल में केवल आधा चम्मच शहद बनाती है। देश में 1.20 लाख मिट्रिक टन शहद का उत्पादन होता है और इसका निर्यात 60 हजार मिट्रिक टन है। खादी ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार हनी मिशन के माध्यम से किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए प्रोत्साहित कर रही है और कई प्रकार की सहायता देती है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने  विश्व मधुमक्खी दिवस मनाने का निर्णय वर्ष 2017 में किया था ताकि लोगों को मधुमक्खियों के जीवित रहने के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रथम बार यह विश्व दिवस  वर्ष 2018 मे आयोजित किया गया था। मनुष्य अपनी अमर्यादित गतिविधियों की वजह से पर्यावरण को नुकसान पहुँचा कर मधुमक्खियों के अस्तित्व को ही मिटाने पर तुला है। अत: जनजागरण के माध्यम से पृथ्वी पर जैव विविधता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।  

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