एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पुलिस अधीक्षक पानीपत के दिशानिर्देश और कॉलेज एनएसएस यूनिट्स की देख-रेख में मेगा ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन.
-स्कूल और कॉलेज के विभिन्न संकायों के 500 छात्र-छात्राओं ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा
-जैसा देश का युवा होगा वैसा ही राष्ट्र बनेगा और हर युवा आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 12 नवम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में लोकेन्द्र कुमार (आईपीएस) पुलिस अधीक्षक पानीपत के दिशानिर्देश में और कॉलेज एनएसएस यूनिट्स की देख-रेख में मेगा ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल और कॉलेज के सभी संकायों के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया । प्रतियोगिता प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और सुरेश सैनी डीएसपी के सानिध्य में आयोजित की गई । एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी, डॉ एसके वर्मा और प्रो मनोज कुमार ने लिखित प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सक्रीय हिस्सा लिया । प्रतियोगिता में ट्रैफिक नियमों पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्न पूछे गये और जिस विद्यार्थी के सबसे अधिक सही जवाब आयेंगे उसे विजेता घोषित कर अगले इंटर-कॉलेज चरण में भाग लेने का अवसर मिलेगा । प्रतिभागियों को लिखित प्रतियोगिता में जवाब देने के लिए एक घंटे का समय दिया गया । ट्रैफिक चिन्हों को पहचानना, विभिन्न विकट परिस्थितियों में क्या करना चाहिए, वाहन चलाते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए आदि पर आधारित सवाल विद्यार्थियों से पूछे गए । विदित रहे कि क्विज प्रतियोगिता के इस अभियान की शुरुआत उस समय के पुलिस महानिरीक्षक शत्रुजीत कपूर आईपीएस की प्रेरणा से 2013 में शुरू हुई और आज यह अभियान रिकॉर्ड भागीदारी का अनूठा उदाहरण बन गया है और इसे लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी स्थान मिला है । पुलिस विभाग के समस्त अधिकारियों और शिक्षा विभाग के सांझा प्रयासों से इस प्रतियोगिता में अब तक रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ना चिंता की बात है । विश्व में सड़क दुर्घटनाओं में 13 लाख से अधिक लोग प्रतिवर्ष मृत्यु को प्राप्त हो जाते है जिसमे से डेढ़ लाख से अधिक मौते तो सिर्फ अपने देश में होती है । हरियाणा में यह संख्या 52 हजार के लगभग है और पानीपत जिला इससे बिल्कुल भी अछूता नहीं है । जैसा युवा होगा वैसा ही राष्ट्र होगा और हर युवा आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक होता है । नियमों पर चलना बहुत बड़ी बात है और इतिहास गवाह है कि जो देश नियमों पर चले उन्होनें तरक्की के नए आयाम स्थापित किये है । समय आ गया है कि युवा सड़क पर न सिर्फ खुद संभलकर चले बल्कि अपने आस-पड़ोस में रहने वालों को भी ऐसा करने के लिए मजबूर करे । इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा सरकार और एसपी पानीपत के प्रयासों और दूरदर्शिता की सराहना करते हुए उन्होनें कहा कि दुर्घटना के ग्राफ को कम करने की जिम्मेदारी अब युवाओं को पूरा करनी है । सरकार केवल कानून बना सकती है परन्तु धरातल पर कार्य तो युवाओं को ही करना होगा । इसी उद्देश्य से इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि किसी भी अधिकारी को किसी का भी चालान काटने में कोई आनंद नहीं आता है । किन्तु जब अधिकारी लोगों को अपनी जान की परवाह न करते देखते है तो उन्हें जुर्माना करना पड़ता है । हेलमेट न पहनना, वाहनों को ओवरलोड करना, गलत दिशा में चलना, नशे में वाहन चलाना, तेज गति से वाहन दौड़ाना आदि से न सिर्फ हम खुद की जान को जोखिम में डालते है बल्कि इससे दूसरों के प्राण भी जा सकते है । सड़क सुरक्षा एक जवलंत मुद्दा है जिसको संवेदनशीलता के साथ एसडी पीजी कॉलेज ने हर बार उठाया है और समाज को नई दिशा दिखाई है ।
सुरेश सैनी डीएसपी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करने का गुण हर युवा में होना चाहिए क्यूंकि जैसे हम खुद है वैसे ही समाज का तो निर्माण होगा । सड़क पर सुरक्षा वर्तमान का सबसे ज्वलंत मुद्दा है और सड़क पर हर इंसान की जान को बचाना और संजोना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए । यातायात संबन्धित ज्यादातर समस्याएँ युवाओं से जुड़ी है । ऐसे में हर युवा का दावित्व है कि वह भी आने वाली पीढ़ियों को निराश न करे और सड़क सुरक्षा को मन से अपनाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को समझे और समझाए ।
इस अवसर पर डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, दीपक मित्तल आदि भी उपस्थित रहे ।

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