Tuesday, June 2, 2026
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400 से अधिक ब्राह्मणों ने विक्रमी सम्वत 2080 के पर्व एवं त्योहार की सूची जारी की

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at March 19, 2023 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : 19 मार्च 2023, आज अमर भवन चौक, दयानन्द रोड स्थित श्री जगनन्नाथ मंदिर में श्री सनातन धर्म संगठन रजि. पानीपत के तत्वावधान में विक्रमी सम्वत 2080 के पर्व एवं त्योहार सूची को लेकर 400 से अधिक ब्राह्मणों का विशाल सम्मेलन परम पूज्य स्वामी अरूणदास जी महाराज की अध्यक्षता एवं परम पूज्य पं. वेद गोस्वामी जी, पं. राधे राधे जी महाराज एवं ब्रह्मर्षि श्रीनाथ जी महाराज के सान्निध्य में हुआ।  डा. महेन्द्र शर्मा ने बताया कि भारत एक बहुत बड़ा देश है जहां पर स्थानीय कालगणना के अनुसार कई बार पर्व त्योहारों के दिनों में अन्तर आ जाता है इस कारण कई बार व्रत, पर्व, त्योहार का लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति हो जाती है इसे रोकने के लिए श्री सनातन धर्म संगठन हर वर्ष विद्वान ब्राह्मणो के सहयोग से पर्व एवं त्योहार सूची का निर्माण करता है। विक्रमी सम्वत 2080 के बारे में उन्होंने बताया कि विक्रमी सम्वत 22 मार्च 2023 से प्रारंभ होकर 08 अप्रैल 2024 तक होगा। सम्वत् का नाम पिंगल एवं सम्वत का राजा बुध होगा। परम पूज्य संत अरूणदास जी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार अन्य धर्मों में एक दिन ही त्योहार मनाए जाते हैं उसी प्रकार हिन्दू धर्म में भी एक ही दिन त्योहार मनाए जाएं। पं. राधे राधे जी महाराज ने कहा कि यदि दूसरों की उन्नति देखकर हमारे मन में ईर्ष्या न आए तो यहीं धर्म का सच्चा स्वरूप है। पं. वेद प्रकाश गोस्वामी ने सभी ब्राह्मणों को एक मंच पर आने के लिए शुभमानाएं दी। पं. ब्रह्मर्षि श्री नाथ जी महाराज ने कहा कि केवल पर्व ही एक दिन नहीं होने चाहिए बल्कि मन्दिरों में आरती का समय और शंखनाद का समय भी एक होना चाहिए ताकि हिन्दू धर्म के बारे में जागृति पूरे विश्व में फैले। युधिष्ठिर लाल शर्मा ने कहा कि पूरे भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी सनातन धर्म संगठन द्वारा तैयार की गई सूचियां पहुँचती हैं यह इसकी प्रमाणिकता को दर्शाता है। प्रधान कृष्ण रेवड़ी ने आवाह्न करते हुए कहा कि आगामी 22 मार्च को संवत 2080 के प्रारंभ होने पर सभी लोग अपने घर में 5 देसी घी के दीपक जलाएं, धर्म ध्वजा अपने घर और प्रतिष्ठान पर लगाएं तथा उस दिन भोजन में कम से कम एक बार खीर-पूड़ी बनाकर खाएं। तत्पश्चात पर्व सूची वितरण किया गया तथा ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर  राजेन्द्र गुप्ता, कृष्ण मुरारि चुघ, संजय खुराना, जवाहर रामदेव, दीपक बांगा, दैवेन्द्र नारंग, ओम ढींगड़ा, भीम सचदेवा, सुभाष बठला, अशोक नारंग, डा. रमेश चुघ, आर.एन. रावल, युद्धवीर रेवड़ी, सुभाष बठला, कैलाश लूथरा, वेद शर्मा, सोनू शर्मा, सतनाम दास मिगलानी, तिलक राज मिगलानी आदि उपस्थित थे।

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