सांसद संजय भाटिया ने पानीपत के उद्योगों के लिए उठाई संसद में मांग. साथ ही साथ करनाल लोकसभा क्षेत्र को एनसीआर से बाहर करने की भी रखी पुरजोर मांग।
BOL PANIPAT : 12 सितंबर-करनाल लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय भाटिया ने संसद में करनाल लोकसभा क्षेत्र को एनसीआर से बाहर करने या पानीपत की औद्योगिक इकाइयों में बॉयलरों में कोयले के इस्तेमाल की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए इसकी पुरजोर मांग उठाई है।
संजय भाटिया ने औद्योगिक क्षेत्र की मांग को उठाते हुए कहा कि करनाल लोकसभा क्षेत्र में हजारों औद्योगिक इकाइयां हैं जोकि कोयले से चलती हैं। इन औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कोयले के इस्तेमाल को लेकर नोटिस दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पीसीबी की तरफ से औद्योगिक इकाइयों ने लगे बॉयलर को कोयले के बजाय पीएनजी में बदलने के नोटिस आ रहे हैं। सांसद ने संसद में मांग उठाते हुए कहा कि बॉयलर को पीएनजी पर लाने से ईंधन की लागत बहुत अधिक बढ़ जाएगी। इससे पानीपत की औद्योगिक इकाइयां वैश्विक स्तर पर कीमतों में मुकाबला नहीं कर पाएंगी। क्योंकि इससे ईंधन की लागत भी 3 गुना बढ़ जाएगी जो आर्थिक रूप से भी व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने पुरजोर मांग उठाते हुए कहा कि अगर कोयले से चलने वाले सभी बॉयलर इकाइयों को छूट नहीं दी गई तो इकाइयां बंद हो जाएंगी और वैश्विक स्तर पर पिछड़ जाएंगे। यही नहीं व्यापार के क्षेत्र में वे शेष भारत से भी पिछड़ जाएंगे। पीएनजी भी बहुत महंगी है और पीएनजी सप्लाई कंपनी का क्षेत्र में एकाधिकार है, इसलिए वर्तमान समय में औद्योगिक इकाइयों की मांग को देखते हुए और पानीपत की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बरकरार रखने के लिए कोयले की अनुमति प्रदान करें या करनाल लोकसभा संसदीय क्षेत्र को एनसीआर से बाहर किया जाए।

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