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समाप्त हुआ राष्ट्रीय पोषण माह.कुपोषण मुक्त करने का किया आह्वान

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 30, 2022 Tags: , , , ,

10 हजार घरों में शुद्ध भोजन करने को लेकर दिया गया संदेश

BOL PANIPAT, 30 सितंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में एक महीने तक लगातार चले राष्ट्रीय पोषण माह के कार्यक्रमों में कुपोषण को खत्म करने के आह्वान को लेकर आंगनबाड़ी सहायकों, कार्यकर्ताओं ने 10 हजार घरों का चयन कर घर- घर जाकर महिलाओं, युवाओं बच्चों को जंक फूड की बजाय अच्छे व शुद्ध भोजन का सेवन करने को लेकर जागरूक किया। कुपोषण मुक्त करने के इनके इस प्रयास की झलक अलग-अलग गांवों में आयोजित कि ये गये 200 पोषण मेले के  शानदार प्रदर्शन में दिखाई दी। पोषण माह में 21 सौ स्वच्छता रैलियों का सफल आयोजन भी किया गया जिसमें गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली महिलाओं को पोषण का महत्त्व बेहतर तरीके से बताया गया।
   उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता आयाजकों की निष्ठा पर केंद्रीत होती है। कुपोषण मुक्त जिला बनाने के इस अभियान में जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4192 जागरूकता रैलियों का आयोजन कर साफ-सफाई जैसी विशेष गतिविधियां व निजी स्वच्छता के बारे में बेहतर तरीके से जागरूक किया गया। जिले के सभी खंडों में 1048 शानदार रैस्पी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।  यही नहीं विभिन्न स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अभिभावकों व महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
     उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि पोषण माह के दौरान जिले को हरा -भरा बनाने को लेकर अलग-अलग स्थानों पर 2 हजार के करीब विभिन्न किस्मों के पौधे लगाये गये। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर  500 के करीब साईकिल रैलियों का भी आयोजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी की कार्यकत्ताओं ने जल बचाव के तरीके व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। इन कार्यक्रमों में बच्चों की लंबाई व वजन मापने, बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देने, सेनेटाइजेशन, साबुन व वॉशरुम में पानी की व्यवस्था पर कार्य किया गया।
     उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि महिला एवं विकास विभाग व आयुष विभाग के सामूहिक प्रयास से 28 मेडिकल शिविर लगाये जिनमें महिलाओं, बच्चों व युवाओं को विभिन्न रोगी की दवाईयां  मुफ्त में दी गई। सभी खंडों में 1048 गोद भराईयां की गई। आंगनवाड़ी केंद्रों में 200 के करीब मटका दौड़ आयोजित कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। स्वच्छता व पोषण पर 1048 संगोष्ठी, वेबिनार, स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के माध्यम से स्कूलों में स्किट प्ले स्लोगन राइटिंग जैसी प्रतियोगिताओं के अलावा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम व्यक्ति को पोषण के प्रति जागरूक किया। अव्वल रहे प्रतिभागियों को जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया।
     पोषण अभियान की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवीण कुमारी ने बताया कि आयुष विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयास से 50 मेडिकल कैंप व 200 योग कैम्प आयोजित किये गये हैं। इन जागरूकता शिविरों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई व उन्हें योगा के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि 97 फांउंडेशन कोर्स के आफिसर पवित्रा मूरथप,सिंध ओमकार राजेंद्र व माधिवन्न .एस ने समालखा में ओयोजित शिविर में कार्यक्रम के बारे में जानकारी ली व कुछ जरूरी दिशा निर्देश दिये।
       पोषण अभियान की जिला संयोजक डॉ. श्रेया मिडढा ने बताया कि जिले की आंगन बाडिय़ों में चलाये जा रहे पोषण माह के तहत मोटे अनाज व पोषक तत्वों से भरपूर पकवानों की शिविरों के माध्यम से जानकारी दी गई। कुपोषण को खत्म करने के लिए पोषण आधारित 8 गीतों के माध्यम से मुख्य मार्गों से गुजरने वाली ऑटो रिक्शाओं द्वारा आम जन को पोषण के प्रति जागरूक करने के भरसक प्रयास किये गये।
       डॉ. मिडढा ने बताया कि 1048 केंद्र पर पौष्टिक थाली सजा कर यह बताने का प्रयास किया गया कि किस प्रकार से हमें खाना खाना चाहिये। पौष्टिक खाने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि नगर में 10 अति कुपोषित बच्चों को तलाशा गया। अब इन बच्चों पर दूसरे बच्चों की तुलना में और अधिक ध्यान दिया जा रहा है। डॉ. श्रेया मिढ्डा ने बताया कि 8 सितंबर से प्रारंभ हुए पोषण माह में आंगनवाड़ी वर्कर, सहायकों ने जिस प्रकार से कार्य किया हैं वो बहुत ही प्रशंसायुक्त रहा। उन्होनें बताया कि गत वर्ष 167 बच्चों थे जो अब सामान्य है। इस बार मात्र 9 बच्चें कुपाषित मिले हैं जिन पर काम हो रहा है।

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