दयालु-2 योजना से पीडि़त को मिलेगा त्वरित आर्थिक संबल: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, व्यापक प्रचार-प्रसार और समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
दयालु-2 योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन करेगा विशेष जागरूकता अभियान
संकट की घड़ी में सरकार का सुरक्षा कवच है दयालु-2 योजना
BOL PANIPAT , 28 जुलाई। सरकार की महत्वाकांक्षी दयालु-2 (दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-2) को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि दयालु-2 योजना हरियाणा सरकार की एक संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर आवारा या बेसहारा पशुओं के दुर्घटना के कारण मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में पात्र पीडि़त अथवा उसके आश्रित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
उपायुक्त ने कहा कि योजना का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक संबल देकर उन्हें राहत पहुंचाना है। उपायुक्त ने कहा, दयालु-2 योजना केवल आर्थिक सहायता देने की योजना नहीं, बल्कि सरकार की मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। सभी अधिकारी मिशन मोड में कार्य करें और गांव-गांव तथा शहर के प्रत्येक वार्ड तक योजना की जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। पंचायतों, नगर निकायों, सरल केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों और अन्य माध्यमों से लोगों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाली सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए, ताकि पात्र व्यक्ति को इसका लाभ मिल सकें।
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध सत्यापन और निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक देरी या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में योजना की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक भी लिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से दयालु-2 योजना जिले के अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगी और संकट की घड़ी में उनके लिए मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच साबित होगी।

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