व्यक्तित्व विकास का नाम ही एनएसएस है : डॉ अजय कुमार गर्ग
BOL PANIPAT : जी.टी. रोड स्थित आज आई.बी. पी.जी. महाविद्यालय में एन.एस.एस. यूनिट द्वारा खोतपूरा गांव में सात दिवसीय स्पेशल कैंप “आत्मनिर्भर भारत – विकसित भारत” के चौथे दिन का आयोजन किया गया । प्रातः कालीन सत्र में स्वयंसेवकों को योगा और मेडिटेशन करवाया गया । प्रात: कालीन सत्र में कॉलेज प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने एनएसएस कैंप में शिरकत की और बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने यह कहा कि व्यक्तित्व विकास का नाम ही एनएसएस है । सभी विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ सामुदायिक सेवा का भी हिस्सा बनना चाहिए। उसके पश्चात गांव खोतपुरा में पूरे गांव में स्वयंसेवकों द्वारा साक्षरता अभियान “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”, “बेटी को प्यार दो बेटे जैसा अधिकार दो” पर रैली निकाली गई। उसके पश्चात सभी स्वयंसेवकों ने पूरे गांव में घर घर जाकर वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया। स्वयंसेवकों ने सभी को यह बताया कि किस तरह से हमें गूगल पे और पे टी एम का प्रयोग करना चाहिए । एनएसएस अधिकारी डॉक्टर योगेश सभी स्वयंसेवकों को समाज सेवा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने यह कहा कि एनएसएस ही एक ऐसा जरिया है जिससे हम समाज सेवा से जुड़ सकते हैं। डॉ नरवीर जी ने सभी को यह बताया कि सभी को अक्षर का ज्ञान हो इसलिए एनएसएस कैंप में साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। साक्षरता का अर्थ होता है शिक्षा की प्राप्ति बिना शिक्षा के जीवन अंधकार के समान हो जाता है जबकि एक शिक्षित व्यक्ति का जीवन ज्ञान के उजाले से हमेशा प्रकाशमान रहता है वह न केवल अपने जीवन में तमाम सुख पा सकता है बल्कि औरों के जीवन में भी खुशियां व आनंद ला सकता है। सायं कालीन सत्र में रेड क्रॉस पानीपत की ट्रेनर मैडम सोनिया ने सभी स्वयंसेवकों को होम नर्सिंग एंड फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी। उन्होंने सभी को यह बताया कि हम छोटे-मोटे इलाज घर पर कैसे कर सकते हैं इसके साथ उन्होंने यह बताया कि अगर किसी के साथ कोई एक्सीडेंट दुर्घटना हो जाती है और वह बेहोश हो जाता है तो उसे अस्पताल लेकर जाने से पहले से पहले हम किस तरह से उसे ठीक रख सकते हैं। अगर किसी को अचानक से हार्ट अटैक आ जाता है तो उसे किस तरह से सीपीआर देनी चाहिए। तत्पश्चात डॉ नीतू और प्रो मंजिली के द्वारा स्वयं सेवकों को खेलकूद प्रतियोगिता करवाई । उन्होंने यह बताया कि खेलकूद आज के समय में सभी के लिए बहुत जरूरी है जिससे उनका शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है ।

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