एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एनएसएस कार्यकर्ताओं ने उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार चलाया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान
– सिंगल यूज़ प्लास्टिक को न इस्तेमाल करने की ली शपथ
पर्यावरण के साथ सदभाव में रहना और इसे हमेशा स्वच्छ रखना इस अभियान का उद्देश्य: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 19 सितम्बर.
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एनएसएस कार्यकर्ताओं ने उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की विधिवत शुरुआत सिंगल यूज़ प्लास्टिक को इस्तेमाल न करने और पर्यावरण को हमेशा साफ़ रखने के भाव के साथ की. इसके साथ पर्यावरण संरक्षण और इसकी सुरक्षा को लेकर सेमीनार का आयोजन किया गया जिसे प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने संबोधित किया. उनके साथ कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा मौजूद रहे. विदित रहे कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े को मनाने का उद्देश्य भारतीय स्वच्छता लीग 2.0, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर और सामूहिक स्वच्छता अभियान जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से देश भर में करोड़ों नागरिकों की भागीदारी जुटाना है. उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार ने इसी तर्ज़ पर इस अभियान को 18 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाने का निर्णय लिया है जिसका उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण बचाने और अपने आस-पड़ोस को स्वच्छ रखने की अलख जगाना है. विभाग अपने हर विद्यार्थी को संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाना चाहता है. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने एनएसएस कार्यकर्ताओं को स्वच्छता शपथ भी दिलाई. एनएसएस कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता के महत्व पर बल देते हुए कॉलेज प्रांगण की खुद सफाई की और स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वच्छता के सबसे बड़े पक्षधर थे और उनकी राष्ट्र की परिकल्पना बिना स्वच्छता के अपूर्ण है. आज स्वच्छता न सिर्फ हर सरकारी योजना में बल्कि नागरिकों की जीवन शैली का भी मूलभूत सिद्धांत है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सभी की चेतना को जागृत करना है. हमें अपने चारों ओर के वातावरण को स्वच्छ रखने का तथा उसे जीवन के अनुकूल बनाए रखने का प्रयास निरंतर करना होगा. पर्यावरण और आस-पडौस की स्वच्छता का समस्त प्राणियों के जीवन तथा इस धरती के समस्त प्राकृतिक परिवेश से घनिष्ठ सम्बन्ध है. बढ़ते प्रदूषण और गंदगी के कारण सारी पृथ्वी दूषित हो रही है और यदि इसे अब भी रोका न गया तो उन्हें भविष्य में मानव सभ्यता का अंत होता दिखाई देगा. इस वर्ष इया अभियान के अंतर्गत शहर की टीमें समुद्रतटों, पहाड़ियों और पर्यटन स्थलों को साफ करने के लिए रैली करेंगी. स्वच्छता लीग 2.0 पखवाड़े में स्वच्छता के लिए बड़े पैमाने पर युवा समूहों को संगठित किया जायेगा जिसमे कॉलेज के युवा छात्र भी शामिल है. स्वच्छता लीग स्वच्छ भारत मिशन के तहत युवा कार्रवाई के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेगी.
डॉ राकेश गर्ग एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर ने कहा कि आज दुनिया प्लास्टिक से जलमग्न हो रही है. हर साल 400 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक का उत्पादन होता है जिसमें से आधे को केवल एक बार उपयोग करने के लिए बनाया जाता है. इसमें से 10 फीसदी से भी कम को रिसाइकिल किया जाता है. अनुमानित 19 से 23 मिलियन टन प्लास्टिक झीलों, नदियों और समुद्रों में समाप्त हो जाता है. आज प्लास्टिक हमारी जमीनों को बर्बाद कर देता है, समुद्र में समा जाता है और जहरीले धुएं के रूप में जल जाता है जिससे यह धरती के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बन गया है. हालात अब बहुत खतरनाक स्तर तक पहुँच चुके है और हमें पर्यावरण को बचाना ही होगा.
सेमिनार में डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ पवन कुमार, दीपक मित्तल समेत प्राध्यापकों एवं लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.

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