अधिकारी शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी तह तक जाकर समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई करें: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
समाधान शिविर में आई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करें अधिकारी
शिकायतों के समाधान में कोताही या देरी बर्दाश्त नहीं, अधिकारी गंभीरता से करें कार्रवाई
पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई कर पीडि़तों को दें त्वरित राहत: एसपी मेधा भूषण
BOL PANIPAT , 5 अक्टूबर। हरियाणा सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम समाधान शिविर के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विभिन्न विभागों से संबंधित दर्ज की गई 15 शिकायतों पर अधिकारियों से कार्रवाई की स्थिति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि शिविर में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही अथवा अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी तह तक जाकर समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई करें।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान एक प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से सुनिश्चित करना है। उपायुक्त ने कहा कि जनता अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास विश्वास के साथ आती है और उस विश्वास को कायम रखना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। इसलिए अधिकारी शिकायतों की प्राथमिकता तय करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करें। जिन मामलों में दूसरे विभागों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखने का ठोस कारण होना चाहिए तथा लंबित मामलों की नियमित रूप से समीक्षा की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों की कार्रवाई रिपोर्ट को भी गंभीरता से लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को संतुष्टि प्रदान करना है।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि समाधान शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित आने वाली प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। पुलिस से संबंधित मामलों में शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से सुनकर तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का प्रयास है कि आमजन को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने अधिकारियों एवं पुलिस कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लोगों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का निर्धारित नियमों के अनुसार शीघ्र समाधान करें।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है। समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 15 शिकायतों की सुनवाई की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण सिंह, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी विकास चहल, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल, डीएचओ संदीप, डिप्टी सीएमओ डॉ. दिव्या सहानी, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, कृषि विभाग के एसडीओ राजेश भारद्वाज, सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन राजेश भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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