ग्राम पंचायतों की शामलात भूमि पर बने पुराने अवैध मकानों को मिलेगा वैध दर्जा: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-सरकार की नियमितीकरण योजना से हजारों परिवारों को राहत
-पात्र 16 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन
-सरकार का सामाजिक न्याय और स्थायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
BOL PANIPAT , 13 जनवरी। हरियाणा सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों की शामलात भूमि पर वर्ष 31 मार्च 2004 या उससे पहले बने अवैध मकानों के नियमितीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। सरकार की अधिसूचना 17 जनवरी 2025 के अनुसार इस योजना के अंतर्गत पात्र कब्जाधारियों को उक्त भूमि खरीदने का अवसर दिया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से बारह माह की अवधि निर्धारित की गई है, जिसके तहत कब्जाधारी 16 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य लंबे समय से शामलात भूमि पर निवास कर रहे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। डॉ. दहिया ने कहा कि यह योजना उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो वर्षों से अपने मकानों को लेकर अनिश्चितता में जीवन व्यतीत कर रहे थे। सरकार पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें मालिकाना हक देने जा रही है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि पात्र आवेदकों को वर्ष 2004 के कलेक्टर रेट के 1.5 गुणा मूल्य का भुगतान करना होगा। आवेदन पत्र के साथ जमाबंदी, खसरा गिरदावरी, मकान का साइट प्लान, फोटो तथा कम से कम 20 वर्ष के कब्जे से संबंधित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत वही मकान नियमित किए जाएंगे जिनमें कब्जा की गई भूमि (निर्मित व खुला क्षेत्र मिलाकर) 500 वर्ग गज से अधिक न हो। साथ ही खुला क्षेत्र निर्मित क्षेत्र के 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि संबंधित भूमि किसी प्रकार से यातायात या अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं में बाधा उत्पन्न न करती हो तथा वह तालाब, जल निकाय या राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज राजस्व मार्ग पर स्थित न हो।
डॉ. दहिया ने आम नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत या विभागीय कार्यालय में जमा करवाएं और किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह से बचें। डॉ. दहिया ने कहा कि सरकार की यह योजना सामाजिक न्याय और स्थायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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