एमडीडी ऑफ इंडिया की सूचना पर मानव तस्करी विरोधी इकाई ने 3 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करवा बच्चों को बाल कल्याण समिति में पेश कर उनकी काउंसलिंग करवाई गई।
BOL PANIPAT :एम.डी.डी. ऑफ इंडिया संस्था द्वारा ‘न्याय तक पहुंच-3’ अभियान के तहत बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संस्था के टीम सदस्य अजय चौहान की शिकायत पर पुलिस की मानव तस्करी विरोधी इकाई (ए.एच.टी.यू.) टीम ने आज शुक्रवार को औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 29 फ्लोरा चौंक से बाल श्रम करते हुए तीन बच्चों को रेस्क्यू करवाकर बाल कल्याण समिति में पेश किया गया ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके। इस अभियान के तहत आज एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट की कार्रवाई में एएसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल मुकेश चहल, हेड कांस्टेबल रविंदर कुमार और एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था से अजय चौहान मौजूद रहे।
संस्था के जिला समन्वयक संजय कुमार ने कहा कि संस्था बाल श्रम रोकने के लिए जिले के अलग-अलग इलाकों में जागरूकता अभियान चला रही है। बाल श्रम निषेध एवं संशोधन अधिनियम के तहत यदि कोई भी व्यक्ति छोटे बच्चों से बाल श्रम करवा रहा हो तो बाल श्रम की गतिविधि में शामिल व्यक्ति के खिलाफ 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक की राशि का जुर्माना व 6 महीने की सजा का प्रावधान है। मुक्त करवाए गए तीनों बच्चे 13 से 14 साल के हैं। इनके परिवार बिहार के रहने वाले हैं और यहां मजदूरी करने आए हैं। ये बच्चे भी गरीबी और अनपढ़ता के चलते बाल श्रम कर रहे थे। बच्चों का कहना था कि वो भी पढ़ना चाहते हैं लेकिन परिवार की आर्थिक हालत के चलते नहीं पढ़ पा रहे।
संस्था अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता अभियान चला रही है। संस्था हरियाणा के 15 जिलों में बाल विवाह, बाल श्रम और बाल यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ काम कर रही है।

Comments