Monday, April 27, 2026
Newspaper and Magzine


हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ‘प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा’ विषय पर हुआ विस्तार व्याख्यान का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 15, 2025 Tags: , , , ,

– हिंदी भाषा बाज़ार प्रौद्योगिकी, सिनेमा प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरदर्शन प्रौद्योगिकी एवं अनुवाद प्रौद्योगिकी के रूप में विकसित हो रही है- डॉ. सुनील दत्त

BOL PANIPAT – सोमवार 15 सितंबर 2025,आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग के उपक्रम हिंदी साहित्य परिषद द्वारा हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर ‘प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा’ पर एक दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया । व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि पैदा करना, डिजिटल डिवाइड को कम करना, स्वयं की भाषा में तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना एवं प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा के बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट करना है। हिंदी दिवस के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पं. चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय करनाल के हिंदी विभाग से एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. सुनील दत्त रहे । प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता और हिंदी साहित्य परिषद के संयोजक विजय सिंह ने मुख्य वक्ता के आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया । प्राचार्य महोदय ने अपने सम्बोधन में कहा कि हिंदी दिवस का महत्व केवल भाषा को प्रोत्साहित करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि हमारी हिंदी भाषा हमारे देश की एकता, सभ्यता और संस्कृति की भी पहचान है । हम सभी को हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए । प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा का प्रयोग हर क्षेत्र में विकसित होता जा रहा है ।
हिंदी दिवस पर मुख्य वक्ता ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि हिंदी भाषा निरंतर कई वर्षों से प्रचार प्रसार की भाषा रही है । उन्होंने हिंदी भाषा की ऐतिहासिक स्थिति से लेकर वर्तमान स्थिति तक के परिदृश्यों पर प्रकाश डाला । संविधान में अनुच्छेद, अधिनियम और आयोग के माध्यम से राजभाषा हिंदी पर विचार विमर्श किया । उन्होंने राजभाषा आयोग 1955 में हिंदी भाषा की स्थिति और ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के माध्यम से भाषा के प्रचार प्रसार पर विचार रखे । छात्र-छात्राओं को आगे विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि हिंदी भाषा में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्यधिक विकसित हो रही है जिसमें बाज़ार प्रौद्योगिकी, सिनेमा प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरदर्शन प्रौद्योगिकी एवं अनुवाद प्रौद्योगिकी के रूप में निरंतर तकनीकी विकास हो रहा हैं । उन्होंने स्पष्ट किया कि वैसे तो तकनीक का विकास आदिकाल से ही आरम्भ हो गया था । भाषा भी एक प्रकृति के समान है । उन्होंने अपने व्याख्यान को अंतिम रूप देते हुए अंत में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अन्य भाषाओं को अपनाएं परन्तु अपनी मातृ भाषा की मूल परम्परा से जुड़े रहे । मंच संचालक की भूमिका डॉ. शालिनी और छात्रा दिव्या ने निभाई । कार्यक्रम की प्रबन्धन दक्षता की भूमिका प्रा. कविता मलिक एवं प्रा.गोपाल मलिक ने निभाई। हिंदी साहित्य परिषद के संयोजक विजय सिंह ने मुख्य वक्ता के व्याख्यान पर आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया । हिंदी साहित्य परिषद द्वारा पखवाड़े के रूप में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को मुख्य वक्ता से सम्मानित करवाया गया । हिंदी दिवस के इस अवसर पर हिंदी साहित्य परिषद से जुड़े विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र एवं सहभागिता पत्र प्रदान कर उन्हें भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग से विजय सिंह, डॉ. शालिनी, प्रा. कविता मलिक, प्रा. गोपाल मलिक एवं जनसंचार विभाग से डॉ. दिनेश गाहल्याण व अन्य विभाग के सदस्य उपस्थित रहे ।

Comments