Monday, May 18, 2026
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय 94 वां जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

By LALIT SHARMA , in Uncategorized , at October 13, 2025 Tags: , , ,

– नशा होता अच्छा तो माँ कहती खा ले मेरे बच्चा- डॉ. अशोक

BOL PANIPAT । हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, भापुसे के दिशानिर्देशों, पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा, भापुसे के नेतृत्व और पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में प्रतिदिन एक शहर से दूसरे शहर में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं ताकि कोई व्यक्ति नशे की दलदल में न धंस जाए। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह पहुंचे। विद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र कादियान की अध्यक्षता में 262 विद्यार्थियों 20 शिक्षकों और 4 अन्य कर्मियों ने भाग लिया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध जागरूक करते हुए कहा कि हरियाणा प्रान्त में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांस एक्ट 1985 के अंतर्गत वर्ष 2025 में 3 अक्टूबर तक 2735 अभियोग अंकित करके 4859 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चूका है। हरियाणा में 3465 नशे के विरुद्ध जागरूकता करके 18 लाख 28 हज़ार लोगों को जागरूक कर शपथ दिलाई गयी है। 575 से अधिक लोगों को नशामुक्त किया जा चूका है। नशे को समूल नष्ट करने के लिए जागरूकता अत्यावश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि यदि नशा होता अच्छा तो माँ कहती खा ले मेरे बच्चा। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में प्रतिवर्ष तंबाकू के कारण 80 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। इतना ही नहीं 13 लाख ऐसे लोग हैं जो स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करते लेकिन उनके पास रहते हैं जो सेवन कर रहे होते हैं। इसमें विशेष रूप से बालक, वृद्ध और महिलाएं विशेष रूप से होती हैं। यदि हम भारत की बात करते हैं तो भारत में प्रति वर्ष लगभग 17 से 19 लाख लोग तंबाकू के कारण अपने प्राण गंवाते हैं। एक लेख के अनुसार प्रतिदिन तम्बाकू के कारण भारत में 3699 मृत्यु हो रही हैं तो दूसरी और प्रत्येक 4 सेकंड में एक बालक की मृत्यु केवल ऐसे लोगों के संपर्क में होने के कारण होती हैं जो उनके पास रहकर धूम्रपान करते हैं। प्रतिबंधित नशों में अफीम चरस हेरोइन स्मैक चिट्टा नशे की गोलियां और टीके आदि रखना सेवन करना क्रय विक्रय करना और ऐसे कार्य में सहयोग करना पूर्ण रूप से वर्जित है। ये नशे स्वास्थ्य के लिए इतने अधिक घातक हैं कि मनुष्य के शरीर के साथ साथ मस्तिष्क निष्क्रिय हो जाता है और ऐसा व्यक्ति थोड़ा समय ही जीवित रह सकता है। परिणाम बहुत अधिक भयानक होता है। उन्होंने कहा कि भारत को ड्रग फ्री करने के लिए सरकार ने 1933 अथवा NCB MANAS पोर्टल अथवा हरियाणा के लिए 9050891508 जारी किया है। इस पर कोई भी व्यक्ति नशे के विरुद्ध गुप्त सूचनाएं देकर सच्चे नागरिक का कर्तव्य निर्वहन कर सकता है। कार्यक्रम के अंत में शपथ ग्रहण करवाई।

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