एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वाणिज्य विभाग और एनएसएस के संयुक्त तत्वाधान में स्टॉक एक्सचेंज में वित्तीय साक्षरता विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन
एमजी इक्विटी माल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइनेंसियल मैनेजमेंट पानीपत की निदेशक प्रियंका अरोड़ा ने वित्तीय साक्षरता पर विद्यार्थियों को किया जागरूक
वित्तीय जागरूकता के माध्यम से ही लोगों का आर्थिक कल्याण और भविष्य की बढ़ती हुई वित्तीय समस्याओं का समाधान संभव है: प्रियंका अरोड़ा
BOL PANIPAT : 04 नवम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के वाणिज्य विभाग और एनएसएस यूनिट्स के संयुक्त तत्वाधान में स्टॉक एक्सचेंज में वित्तीय साक्षरता विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया जिसमे वाणिज्य विभाग के बीकॉम, एमकॉम और एनएसएस छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापकों ने भाग लिया । विद्यार्थियों को एमजी इक्विटी माल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइनेंसियल मैनेजमेंट पानीपत की निदेशक प्रियंका अरोड़ा और मानवी काठपाल जागरूक किया और उनके ज्ञान में वृद्धि की । सेमीनार की विधिवत शरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने मुख्य वक्ताओं का स्वागत करके की और सम्पूर्ण कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ दीपिका अरोड़ा मदान रही । उनके साथ डॉ राकेश गर्ग, डॉ पवन कुमार, प्रो मनोज कुमार, प्रो सोनिका, प्रो विशाल गर्ग, प्रो हिमानी नारंग, प्रो पूजा गर्ग सेमीनार में उपस्थित रहे । सेमीनार का उद्देश्य आज के अनिश्चितताओं से भरे वातावरण में वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता को पैदा करना था । विद्यार्थियों को सेमीनार में म्यूच्वल फंड, स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक बाजार, बैंक इत्यादि के अलावा डीमैट अकाउंट एवं कमोडिटी मार्केटिंग के बारे में जानकारी दी गई । प्रियंका अरोड़ा निदेशक एमजी इक्विटी माल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइनेंसियल मैनेजमेंट पानीपत ने कहा कि वित्तीय साक्षरता का उद्देश्य आम लोगों में वित्तीय जागरूकता लाने और उन्हें धन प्रबंधन, बचत का महत्व, बैंकों में बचत रखने के लाभ, बैंकों द्वारा दी जानेवाली अन्य सुविधाओं और बैंकों से उधार लेने से होने वाले लाभ के विषय में शिक्षित करना है और इसी उद्देश्य से इस सेमीनार का आयोजन किया गया है । वित्तीय साक्षरता से हमारे विचारों में बदलाव आएगा जिससे हमारे काम बदलेंगे और जब हमारे काम बदलेंगे तब हमारे परिणाम भी बदल जायेंगे । इस तरह जब हमारे वित्तीय विचार में बदलाव आएगा तब समाज में भी वित्तीय बदलाव आएगा । जब हमारा समाज वित्तीय रूप से प्रशिक्षित होगा तब हमारा देश भी वित्तीय रूप से मजबूत हो जायेगा । आज जरुरत वित्तीय समस्या की नहीं है बल्कि वित्तीय समाधान की है और इसमें युवाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना ही हमारा दायित्व है । शेयर बाज़ार एक ऐसा मंच है जहां खरीदार और विक्रेता दिन के विशिष्ट घंटों के दौरान सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध शेयरों पर व्यापार करने के लिए एक साथ आते हैं । लोग अक्सर ‘शेयर मार्किट’ और ‘स्टॉक मार्किट’ शब्दों का परस्पर उपयोग करते हैं । हालाँकि दोनों के बीच मुख्य अंतर इस तथ्य में निहित है कि जहाँ पहले का उपयोग केवल शेयरों के व्यापार के लिए किया जाता है, वहीं दूसरा आपको विभिन्न वित्तीय प्रतिभूतियों जैसे बांड, डेरिवेटिव, विदेशी मुद्रा आदि का व्यापार करने की अनुमति देता है । भारत में प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) हैं । मानवी काठपाल एमजी कैपिटल्स पानीपत ने कहा कि कमोडिटी मार्केट निवेशकों के लिए कीमती धातुओं, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, ऊर्जा और मसालों जैसी कमोडिटीज में ट्रेड करने की एक जगह होती है । इस समय में फॉरवर्ड मार्केट कमीशन भारत में करीबन 100 से अधिक कमोडिटीज के लिए फ्यूचर्स ट्रेडिंग करने की अनुमति देता है । कमोडिटीज में ट्रेडिंग अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की मांग करने वाले निवेशकों के लिए बहुत बेहतर होती है क्योंकि इसके निवेश अक्सर मुद्रास्फीति के साथ मदद करते हैं । भारत में कमोडिटी ट्रेडिंग मुद्रास्फीति को कम करने का एक शानदार तरीका है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि ऐसे आयोजन से छात्रों को पैसों के सही एवं सुरक्षित निवेश की जानकारी मिलती है । सिक्योरिटीज मार्केट, च्यूअल फंड, विनिवेश तथा अन्य विषयों पर इतने सरल शब्दों में जानकारी देना अपने आप में एक सफल प्रयास है । आज दौर में सही जगह और सही समय पर निवेश करने के लिए वित्तीय साक्षरता बहुत जरूरी है । आज वैसे भी लोगों को पैसों की अहमियत और बचत का महत्व का पता चल गया है । आज के स्पर्धात्मक युग में वित्तीय साक्षरता के अभाव में चंद मिनटों में ही गाढ़ी कमाई को गलत जगह निवेश हम अपनी सारी जमा पूंजी को गंवा सकते हैं । ऐसे में लोगों में वित्तीय जागरूकता का होना बहुत जरूरी है ताकि लोग अपने कमाए पैसों को सही जगह पर निवेश कर सकें । इस सेमीनार ने यही हमें सिखाया है ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि वित्तीय शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने का अर्थ लोगों की वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए मदद करना है । वित्तीय शिक्षा का विस्तार करना हमारा न सिर्फ हमारा फ़र्ज़ है बल्कि यह हमारा कर्त्तव्य भी है । इसी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों का आर्थिक कल्याण तथा वर्तमान एवं भविष्य की बढ़ती हुई वित्तीय समस्याओं का समाधान संभव है । आज हमें समस्या का नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना है और इसके लिए वित्तीय साक्षरता को अपनाना ही होगा । आज भारत को केवल विचार की नहीं बल्कि एक वित्तीय विचार की सख्त जरूरत है. जब हमारे समाज का एक-एक परिवार आर्थिक रूप से मज़बूत होगा तभी हमारा देश भी आर्थिक रूप से मज़बूत होगा । यही इस सेमीनार को आयोजित करने का उद्देश्य रहा है ।

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