एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा मतदाताओं को वोट बनवाने और मताधिकार के अधिकार को इस्तेमाल करने के बारे चलाया जागरूकता अभियान
–जिला निर्वाचन कार्यालय पानीपत की ‘स्वीप गतिविधियों’ के अंतर्गत भाषण, निबंध लेखन, पोस्टर और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
–रैली और शपथ के माध्यम से निर्भीकता, जागरूकता और निरंतरता के साथ वोट डालने का लिया प्रण
–मताधिकार का प्रयोग देश के प्रति प्रेम को उजागर करने का सबसे बेहतरीन माध्यम है: डॉ हितेश चंद शर्मा नोडल अधिकारी
BOL PANIPAT , 13 मार्च,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना और वोटर जागरूकता विभाग जिला निर्वाचन कार्यालय पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में युवा मतदाताओं को वोट बनवाने और मताधिकार के अधिकार को विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के बारे कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमे डॉ हितेश चंद शर्मा नोडल अधिकारी (वोटर जागरूकता) जिला निर्वाचन कार्यालय पानीपत ने बतौर मुख्य अतिथि और प्रेरणासूत्र शिरकत की । एन.एस.एस. कार्यकर्ताओं ने ‘स्वीप गतिविधियों’ के अंतर्गत युवा मतदाताओं को अपना वोट बनवाने के लिए प्रेरित किया और वोट बनवाने की प्रक्रिया को समझाया एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया । प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ संगीता गुप्ता और प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग ने स्वयंसेवकों एवं अन्य विद्यार्थियों को निर्भीकता, जागरूकता और निरंतरता के साथ वोट डालने की शपथ दिलाई और फिर हरी झंडी दिखाकर रैली के लिए रवाना किया । उनके साथ डॉ एसके वर्मा, प्रो मनोज कुमार, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि भी उपस्थित रहे । डॉ कविता रानी, डॉ जगमती गाहल्याण, प्रो मीतु सैनी, प्रो शिवरानी, प्रो इंदु पुनिया ने निर्णायक मंडल की भूमिका अदा की । एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने खुद की पहल पर कॉलेज प्रांगण से बाहर निकलकर अपने राष्ट्रीय कर्तव्य बोध का परिचय दिया और आमजन में वोट के महत्व और प्रजातन्त्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के प्रति उन्हें जागरूक किया । असल में मतदाता और उसका मत ही भारतीय लोकतंत्र या किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र का मूल आधार है ।

इस अवसर पर कॉलेज में स्वीप गतिविधियों के तहत जिला निर्वाचन कार्यालय पानीपत के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमे छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरूस्कार से सम्मानित किया गया ।
भाषण
प्रथम तनु बीए- द्वितीय
द्वितीय नेहा बीए- तृतीय
तृतीय अमर सिंह बीए- तृतीय
निबंध लेखन
प्रथम तनु बीए- द्वितीय
द्वितीय अनु गर्ग बीकॉम- तृतीय
तृतीय प्रियदर्शनी बीसीए- प्रथम
पोस्टर मेकिंग
प्रथम निकिता बीए- प्रथम
द्वितीय निशांत बीए- द्वितीय
तृतीय इशिका बीए- तृतीय
स्लोगन लेखन
प्रथम मोहित बीए- द्वितीय
द्वितीय हर्ष बीए- द्वितीय
तृतीय अन्नू बीए- द्वितीय
डॉ हितेश चंद शर्मा नोडल अधिकारी ने कहा कि भारत में युवाओं की भागीदारी काफी अहम है और ऐसे में उन्हें सबसे पहले अपना वोट जरुर बनवाना चाहिए । आज हर जिले में जगह-जगह ऐसे सेंटर स्थापित किए गए है जहां मतदाता पहचान पत्र बनवाने के कार्य किए जा रहे हैं । हर जिले, ब्लॉक, गांव, स्कूल एवं कॉलेज में विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर भी इस कार्य को संपन्न किया जा रहा है । इस परिप्रेक्ष में प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रहे जागरुकता अभियान भी अपने आप में एक उल्लेखनीय है । परंतु मतदाता सूची में नामांकन की प्रक्रिया में और भी कई कठिनाइयां हैं । शिक्षा का अभाव और सुदूर ग्रामीण और यहां तक की शहरी गरीब बस्तियों में भी जन्म प्रमाण पत्र का न होना एक ऐसा बड़ा कारण है जिससे ग्रामीण और शहरी गरीबों, युवाओं और वयस्कों की बड़ी संख्या अकसर मतदाता सूची में नामांकन से वंचित रह जाती है । इस चुनौती को पार पाने के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है । उन्होनें कहा कि जब तक हर एक मतदाता को अपने मत का सही अर्थ समझ में नहीं आएगा तब तक भारत का प्रजातन्त्र मजबूत नहीं होगा । सभी को गणतंत्र के इस टीके को लगाना ही होगा । मतदाताओं को समझना होगा कि उनका एक वोट केवल सरकार ही नहीं बल्कि व्यवस्था बदलने का हथियार भी है और इसके जरिए मतदाता का भाग्य यकीनन बदल सकता है ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत एक गणतांत्रिक देश है और गणतांत्रिक देश में सबसे अहम होता है चुनाव और मत का प्रयोग । गणतंत्र एक यज्ञ की तरह होता है जिसमें मतों यानि वोटों की आहुति बेहद जरुरी मानी जाती है । एक वोट भी सरकार और सत्ता बदलने के लिए काफी होती है । वोट न बनवाना, वोट डालने में आलस करना और ‘मेरे एक वोट से क्या बदलेगा’ जैसे तकिया-कलामों की वजह से देश को कितना नुकसान हो सकता है इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते । हम स्वयं को बदलेंगे तो, सिस्टम खुद-ब-खुद बदल जाएगा । इंटरनेट पर भारतीय सिस्टम और राजनीति पर बड़ी-बड़ी बहस करने वाले अकसर भारतीय गणतंत्र के इस यज्ञ में सिर्फ इसलिए वोट डालने नहीं जाते क्यूंकि उन्हें लाइन में लगता पड़ता है और कुछ देर के लिए अनुशासन का पालन करना पड़ता है । गणतांत्रिक प्रणाली सुचारु रूप से तभी चल सकती है जब हर इंसान अपने मत का प्रयोग करे और अपनी इच्छा-अनिच्छा को व्यक्त करे । एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने वोट बनवाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेकर देश के प्रति अपनी भागीदारी को सुनिश्चित किया है ।
डॉ संगीता गुप्ता ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है । नागरिक ही सरकार चुनकर देश की दिशा तय करते हैं । ऐसे में सबसे पहला कार्य अपने वोट को बनवाना है ताकि समय आने पर नागरिक अपने वोट को डाल सके । कॉलेज के युवा स्वयंसेवकों ने जिस तरह इस जिम्मेदारी को उठाया है वह वाकई में काबिले तारीफ़ पहल है ।
एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने अपने आस-पड़ोस के लोगों, रिश्तेदारों और मित्रों को वोट बनवाने और वोट डालने के महत्व के बारे में जागरूक और प्रेरित करने का प्रण लिया ।

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