एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन.
–एन.एस.एस. स्वयंसेवकों को दिलाई गई ऊर्जा संरक्षण की शपथ
–आज की पीढ़ी यदि ऊर्जा बचाएगी तभी हमारी आने वाली पुश्ते रोशन हो पाएगी: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 14 दिसम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाइयों द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला एवं विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया । प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने बतौर मुख्य वक्ता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उर्जा संरक्षण के बारे में जागरूक किया । इस अवसर पर एन.एस.एस. अधिकारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ दीप्ति गाबा, डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला समेत स्टाफ के अन्य सदस्य उपस्थित रहे । कार्यशाला के उपरान्त स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं को ऊर्जा संकट के प्रति जागरूकता बोध के उद्देश्य शपथ दिलाई गई । विदित रहे कि भारत में प्रत्येक वर्ष 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है जिसकी शुरुआत 1991 से हुई । यह दिन ऊर्जा के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है क्योंकि यही हरित और उज्जवल भविष्य का सबसे अच्छा तरीका है । पिछले वर्ष कॉलेज ने भी लगभग 50 लाख रुपये धनराशी खर्च करके सौर उर्जा पेनल्स कॉलेज में लगवाये जिनसे न सिर्फ बिजली पैदा होती है बल्कि उर्जा संरक्षण में भी इसका अभूतपूर्व योगदान मिल रहा है । एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने सौर उर्जा पेनल्स लगवाने के बारे और पेनल्स लगवाने पर मिल रही सरकारी सब्सिडी एवं योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का अभियान चलाने का भी प्रण लिया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता है जो हमारे उज्जवल और सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत जरुरी है । हम सभी को अपनी धरती के भविष्य को और बेहतर बनाने के लिए इसमें शामिल होना चाहिए । राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाने का उद्देश्य ऊर्जा और संसाधन संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है । ऊर्जा के संरक्षण का अर्थ ऊर्जा का अंधाधुंध दुरुपयोग करने के बजाय इसका बुद्धिमानी से उपयोग करना है । प्रतिदिन के जीवन में विभिन कार्यो के संचालन के लिए ऊर्जा एक महत्वपूर्ण साधन है । वर्तमान समय में दुनिया की अर्थव्यवस्था को संचालित करने के लिए ऊर्जा सबसे प्रमुख माध्यम है जिसके कारण ही विभिन्न उद्योगों, वाहनों, मशीनों घरेलू उपयोग की वस्तुओं एवं विभिन्न कार्यों का संचालन किया जाता है । दुनिया की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ-साथ प्रतिवर्ष ऊर्जा की माँग भी बढ़ती जा रही है । ऐसे में ऊर्जा संरक्षण आवश्यक है । ऊर्जा संरक्षण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग एवं भविष्य की जरुरतो को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा का उपयोग करना है । ऊर्जा संरक्षण दिवस के माध्यम से नागरिकों को ऊर्जा संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाता है एवं ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकता के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है ।
डॉ राकेश गर्ग एन.एस.एस. प्रोग्राम ऑफिसर ने विद्यार्थियों को निम्नलिखित शपथ दिलाई – राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर, राष्ट्र एवं विश्व में निरंतर बढ़ते ऊर्जा संकट के प्रति जागरूकता बोध से मैं यह शपथ लेता हूं कि भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहूंगा व औरों को भी जागरूक करने का प्रयास करूंगा । मैं घर में व अन्य स्थानों पर आवश्यकतानुसार बिजली का प्रयोग करूंगा । मैं गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग के प्रति जागरूक रहूंगा । मैं हरा-भरा पर्यावरण बना रहे ताकि बिजली आदि पर निर्भरता कुछ कम हो इसका भी प्रयास करूंगा ।
डॉ एसके वर्मा ने उर्जा संरक्षण पर कुछ उपाय सुझाते हुए कहा कि जब उपयोग में नहीं हो तो हमें बिजली को बंद करना चाहिए । हमें ट्यूब लाइट और बल्ब आदि उपकरणों पर जमी धूल को नियमित रूप से साफ करना चाहिए । हमें आईएसआई मार्का वाले बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए । ऊर्जा बचाने के लिए सीएफएल या एलईडी बल्ब का प्रयोग करना चाहिए । हमें दिन के उजाले में काम करने का प्रयास करना चाहिए और घर एवं दफ्तर इत्यादि में अंदर अधिकतम प्रकाश प्राप्त करने के लिए खिड़कियों पर हल्के रंग और ढीले-बुने पर्दों का प्रयोग करना चाहिए । छोटे-छोटे कार्यों से भी हम बड़ी मात्रा में उर्जा बचा सकते है ।

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