कस्टम ड्यूटी अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़. एक आरोपी गिरफ्तार.
BOL PANIPAT:26 जुलाई 2023 , विदेशी महिला बनकर वॉट्सएप पर चैट के जरिये दोस्ती कर भारत आने का झांसा देकर व कस्टम ड्यूटी अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह का पानीपत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने भंडाफोड करते हुए गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी गई नकदी में से 26 हजार रूपए कैश व वारदात में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस टीम ने आरोपी अरबाज खान पुत्र इजाद मोहम्मद को निवासी सैदपुर बदायू यूपी हाल किरायेदार अंजू पैलेस मुम्बई को मुम्बई से गिरफ्तार किया।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि आरोपियों ने पानीपत के थाना समालखा क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित से 2 लाख 48 हजार 490 रूपए की ठगी को अंजाम दिया था। ठगी गई राशि में से आरोपी के हिस्से में आई 55 हजार की नकदी में से बचे 26 हजार रूपए व वारदाम में प्रयोग एक मोबाइल फोन बरामद कर 5 दिन की पुलिस रिमांड अवधी पूरी होने पर आरोपी को पुलिस ने बुधवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया।
इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि पीड़ित ने पानीपत साइबर क्राइम थाना में शिकायत देकर बताया था कि 19 दिसम्बर 2022 की देर रात उसके वॉट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। चैट कर रही महिला ने अपने आप को यूके की मूल निवासी बताया। काफी दिनों तक चैट के करने के बाद महिला ने बताया कि वह भारत की मूल निवासी है। उसके पिता यूके में सेटल हो गए थे जिनकी वर्ष 2019 में एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। वह भारत आना चाहती है, महिला ने भारत आने के लिए उससे मदद मांगी। महिला ने उसके पास भारत का वीजा व हवाई जहाज की टिकट की फोटो भेजकर 17 जनवरी को दिल्ली एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए कहा। 17 जनवरी को उसके नंबर पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन पर बात कर रही महिला ने अपने आप को मुम्बई एयरपोर्ट से कस्टम अधिकारी बताते हुए कहा आपकी विदेशी जानकार महिला के पास 2.50 लाख यूरो पौंड है। इतनी करंसी को बैंक से बदलने में समय लगेगा। आप खर्च व दिल्ली तक की फ्लाईट के लिए 68500 रूपए यूपीआई से खाते में भेज दो। दिए गए खाते में उसने उक्त राशि गूगल पे के माध्यम से भेज दी। इसके कुछ देर बाद फिर से फोन आया और अधिकारी कहने लगी उनके अधिकारी उक्त राशि को मंजूर नही कर रहे। अधिकारी कहने लगी आरटीजीएस से 1.80 लाख रूपए भेज दो नही तो आपकी विदेशी महिला जानकार को गिरफ्तार कर पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा। उसने उक्त राशि भी आरटीजीए के माध्यम से खाते में भेज दी।
इसके बाद 18 जनवरी को उक्त कस्टम अधिकारी का फोन आया और कहने लगी की उक्त खाते में 4.70 लाख रूपए डाल दो तभी आपकी जानकार को दिल्ली भेजा जाएगा। उसको शक हुआ तो उसने बाकी पैसे एयपोर्ट के कैश काउंटर पर आकर ही जमा करने के लिए बोला। यह सुनते ही फोन पर उन्होने उसके साथ गाली गलौच करनी शुरू कर दी।
बाद में विदेशी महिला के नंबर पर संपर्क ना होने पर उसको ठगी का अहसास हुआ। आरोपियों ने विदेशी महिला व कस्टम अधिकारी बनकर उससे 2 लाख 48 हजार 490 रूपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अरबाज खान ने पूछताछ में बताया कि उसने गिरोह के सरगना नीरज व गुलफाम के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम दिया। नीरज ने उसको दो मोबाइल फोन भी दिए हुए थे। बीच बीच में नीरज उससे फोन वापिस भी ले लेता था। नीरज व गुलफाम अलग अलग नंबरो का प्रयोग कर वॉट्सएप पर चैट कर लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देकर पैसे फैक अकांउट में डलवा निकलवा लेते थे। इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि फरार अन्य आरोपियों की गिरफतारी के प्रयास किए जा रहे है।

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