बोलोगे तभी तो सुना जायेगा : जयप्रकाश
BOL PANIPAT ,6 जनवरी, पट्टी कल्याणा में आयोजित संस्कृत भारती के दो दिवसीय प्रांत सम्मेलन में बौद्धिक सत्र को अखिल भारतीय संगठन मंत्री जयप्रकाश ने संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि संस्कृत के प्रति खूब नेरेटिव रचा गया है। इसे संभाषण से ही समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संस्कृत कठिन भाषा है, संस्कृत को अशुद्ध बोला तो पाप लगेगा, संस्कृत व्यक्तिविशेष की भाषा है। यह बोलकर जन सामान्य से संस्कृत को दूर करने का प्रयास किया गया। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता का संस्कृत संभाषण में पारंगत होना होगा। बोलोगे तभी तो समाज और राष्ट्र सुनेगा।
उन्होंने कहा कि भाषा व्यवहार आती है। ऐसे में व्यवहार में जितना ज्यादा संस्कृत को सुनाओगे, उतनी ही संस्कृत और मजबूत होती चली जाएगी।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता स्वामित्व का भाव धारण करे। सिर्फ स्वयं का विकास करने की सोच को छोड़कर समाज और राष्ट्र के विकास पर सजग रहें।

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