एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर सारगर्भित कार्यक्रमों का आयोजन
–स्वयंसेवक प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नमो नवमतदाता सम्मेलन का बने हिस्सा
–देश का हर नागरिक निर्भीकता, जागरूकता और निरंतरता के साथ वोट डाले: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 25 जनवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजनाओं द्वारा 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सारगर्भित एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने एन.एस.एस. अधिकारीयों डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी के साथ सभी उपस्थित एन.एस.एस. स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों को निर्भीकता, जागरूकता और निरंतरता के साथ वोट डालने की शपथ दिलाई । प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं में वोट के महत्व और प्रजातन्त्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध करवाना है । इस अवसर पर मतदान डालने और अच्छी सरकार को चुनने हेतू समाज को जागृत करने के लिए मतदाता रैली निकाली गई । विदित रहे कि भारतीय मतदाताओं में मतदान के प्रति घटते रुझान को दूर करने के लिए साल 2011 से भारतीय निर्वाचन आयोग ने हर साल 25 जनवरी के दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस मानने का निर्णय लिया था । दरअसल जब 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था तब से ही यह दिन भारत के सभी मतदाताओं के नाम है ताकि उन्हें लोकतंत्र के प्रति उनके दायित्वों की याद रहे और वह खुद इसके महत्व को समझ सकें । 26 जनवरी से एक दिन पहले इस दिवस की प्रासंगिकता बेहद सटीक बैठती है । असल में मतदाता और उसका मत ही भारतीय लोकतंत्र या किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र का मूल आधार है । आज के विशेष दिन स्वयंसेवकों ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नमो नवमतदाता सम्मेलन में हिस्सालेकर अपने मत को महत्त्व को समझा और जाना जिसका आयोजन भारतीय जनता युवा मोर्चा के तत्वाधान में हुआ । इस कार्यक्रम को सम्पूर्ण देश के लगभग पांच हज़ार केन्द्रों पर देखा गया । कॉलेज में वोट बनवाने हेतू एक हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई ।
कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने अपने बधाई सन्देश में कहा कि भारतीय लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका सबसे अहम है । नागरिक ही सरकार चुनकर देश की दिशा तय करते हैं । ऐसे में नेशनल वोटर डे पर नागरिकों को वोट देने के लिए जागरुक किया जाता है और उन्हें वोट की अहमियत बताई जाती है । कॉलेज के युवा भी इस जिम्मेदारी की अहमियत को समझेंगे ऐसा उन्हें पूर्ण विश्वाश है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस बार के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’ है । चूँकि इस वर्ष लोकसभा और कई राज्यों में चुनाव होने वाले है ऐसे में प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों से वोट अवश्य डालने का प्रण लिया । भारत एक गणतांत्रिक देश है और गणतांत्रिक देश में चुनाव और मत का प्रयोग सबसे अहम् होता है । गणतंत्र एक यज्ञ की तरह होता है जिसमें मतों यानि वोटों की आहुति बेहद अहम मानी जाती है । यहां एक वोट भी सरकार और सत्ता बदलने के लिए काफी होती है । ‘आलस’ और ‘मेरे एक वोट से क्या बदलेगा’ जैसे तकिया-कलामों की वजह से देश को कितना नुकसान हो सकता है हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते है । हम स्वयं को बदलेंगे तो, सिस्टम भी खुद-ब-खुद बदल जाएगा । इंटरनेट पर भारतीय सिस्टम और राजनीति पर बड़ी-बड़ी बहस करने वाले लोग अकसर भारतीय गणतंत्र के इस यज्ञ में सिर्फ इसलिए वोट डालने नहीं जाते क्यूंकि उन्हें लाइन में लगता पड़ता है और कुछ देर के लिए अनुशासन का पालन करना पड़ता है । गणतांत्रिक प्रणाली तभी सुचारु रूप से चल सकती है जब हर इंसान अपने मत का प्रयोग करे और अपनी इच्छा-अनिच्छा को जाहिर करे ।
एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि भारत में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है और ऐसे में उन्हें सबसे पहले अपना वोट जरुर बनवाना चाहिए । आज हर जिले में जगह-जगह ऐसे सेंटर स्थापित किए गए है जहां मतदाता पहचान पत्र बनवाने के कार्य किए जाते हैं । हर जिले, ब्लॉक, गांव, स्कूल एवं कॉलेज में जगह-जगह कैंप लगाकर भी इस कार्य को संपन्न किया जा रहा है । भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार का यह जागरुकता अभियान अपने आप में एक उल्लेखनीय कदम है । परंतु मतदाता सूची में नामांकन की प्रक्रिया में और भी कई कठिनाइयां हैं । शिक्षा का अभाव और सुदूर ग्रामीण और यहां तक की शहरी गरीब बस्तियों में भी जन्म प्रमाण पत्र का न होना एक ऐसा बड़ा कारण है जिससे ग्रामीण और शहरी गरीबों, युवाओं और वयस्कों की बड़ी संख्या अकसर मतदाता सूची में नामांकन से वंचित रह जाती है । इस चुनौती को पार पाने के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है । उन्होनें कहा कि जब तक हर एक मतदाता को अपने मत का सही अर्थ समझ में नहीं आएगा तब तक भारत का प्रजातन्त्र मजबूत नहीं होगा । सभी को गणतंत्र के इस टीके को लगाना ही होगा । मतदाताओं को समझना होगा कि उनका एक वोट केवल सरकार ही नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने का औजार भी है और इसके जरिए मतदाता का भाग्य यकीनन बदल सकता है ।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, डॉ राकेश गर्ग, प्रो सविता पुनिया, प्रो अन्नू आहूजा, प्रो मनोज कुमार, प्रो विशाल गर्ग, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे और उन्होनें शपथ लेने के साथ छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने आस-पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों एवं मित्रों को वोट डालने के महत्व के बारे जागरूक और प्रेरित करेंगे ।

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