एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविधालय के कृषि विज्ञान केंद्र उझा द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
–ढूध, फल, सब्जी और बेकरी के मूल्य वर्धित उत्पादों को बनाने और इन्हें विक्रय करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रतिभागियों को दिया गया
–ज्ञान के अभाव में ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते: डॉ कुलदीप डूडी डीईएस
BOL PANIPAT, 20 दिसम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविधालय के कृषि विज्ञान केंद्र उझा द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गयाजिसमे अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया । इस अवसर पर उन्हें ढूध, फल, सब्जियों और बेकरी पदार्थों के बनाने और इन्हें विक्रय करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रतिभागियों को दिया गया ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़े हो सके । कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया । कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक डॉ कुलदीप डूडी डीईएस एनीमल, डॉ सुनील सांगवान डीईएस सोइल साइंस और प्रो संजय चोपड़ा ने कार्यशाला में सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला । बेकरी और अन्य प्रोडक्ट्स को बनाने और इन्हें विक्रय करने बारे व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रो तन्नू मेहता, गृह विज्ञान विभाग ने दिया जिसमें उन्होनें विशेष तौर पर फलों, सब्जियों और ढूध से बनने वाले प्रोडक्ट्स को सिखाया । कार्यशाला में लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया ।
प्रो संजय चोपड़ा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा सरकार एससी एवं एसटी विधार्थियों को राजीव गांधी छात्रवृति योजना के तहत मेधावी छात्र एवं छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्वतंत्र मिडल स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा के एक छात्र व एक छात्रा को जो कक्षा में प्रथम आते हैं, उन्हें 750 रू. प्रति वर्ष छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाते हैं । उन्होनें मुफ्त साईकिल योजना, अनुसूचित जाति के छात्र एवं छात्राओं के लिए मासिक भत्ता, बी.पी.एल. छात्र और छात्राओं के लिए मासिक भत्ता, बी.सी.ए छात्र एवं छात्राओं के लिए मासिक भत्ता, विभिन्न नकद पुरस्कार योजनाओं, बालिकाओं के लिए छात्रवृत्ति योजना, अन्तोदय केंद्र, सरल सेवा केन्द्रों जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी ।
डॉ कुलदीप डूडी डीईएस एनीमल ने हरियाणा के अनुसूचित जाति के किसानों के कल्याण हेतु चलाई जा रही योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए अनुसूचित जाति के किसानों के लिए सरकार ने 193.63 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं में प्रावधान किया है । राष्ट्रीय खाध सुरक्षा मिशन के अंतर्गत किसानों को गेहूं दलहन की फसलें व फसल चक्र (बाजरा+चना), (मूंग+चना) व मोटे अनाज, गन्ना तथा कपास की फसलों में खरपतवार नाशक/कीटनाशकों, बीज वितरण तथा स्प्रे-पम्पों पर अनुदान दिया जा रहा है । ‘आत्मा’ स्कीम के अंतर्गत ट्रेनिंग मद में ट्रेनिंग, भ्रमण, प्रदर्शन इत्यादि क्रियाये करवाई जायेंगी ।
डॉ सुनील सांगवान डीई एस सोइल साइंस ने कहा कि ‘ईन-सीटू क्रॉप रेजियूड्यु मैनेजमेंट स्कीम’, ‘सब-मिशन ऑफ़ एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन स्कीम’ तथा ‘अनुसूचित जाति के समूहों हेतू कृषि यंत्रो को अनुदान पर उपलब्ध करवाने की राज्य स्तरीय योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान किया जाता है । किसानों को मुद्रा स्वास्थ्य कार्ड का लाभ भी दिया जा रहा है । बायो गैस स्कीम के तहत एक क्यूबिक के बायो गैस प्लांट पट 10 हजार रुपये तथा 2 से 6 क्यूबिक के बायो गैस प्लांट पर 13 हज़ार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान दिया जा रहा है । प्रो तन्नू मेहता ने दूध, फल और सब्जियों के मूल्य वर्धित उत्पादों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए कहा कि ढूध अपने आप में पूर्ण खाद्य है और गर्मागर्म एवं मीठे ढूध में मेवे, छुहारे इत्यादि डाल सर्दियों में इसे विशेष पसंद किया जाता है । उन्हनें दूध की बहुत सी मिठाइयां जैसे बर्फी, कलाकंद, मिल्क केक, मिल्कशेक, रबड़ी, रसमलाई, पेड़ा, रसगुल्ला, कई प्रकार की खीर, फिरनी आदि बनाकर प्रतिभागियों को सिखाई । दूध के कुछ खाद्य नमक के प्रयोग से भी बनते हैं जो पनीर या दही बनाने के बाद बनाए जाते हैं । पनीर टिक्का, पनीर पकौड़ा, कई तरह का रायता और नमकीन लस्सी और छाछ भी हम ढूध से बना सकते है । विभिन्न फलों से जैम, जूस, सलाद और सब्जियों से स्वादिष्ट अचार और मुरब्बे उन्होनें प्रयोगशाला में बनाकर सिखाये जो अत्यंत दिलकश और स्वादिष्ट थे ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि छात्राओं को चाहिए की मनुष्य को जीवन में दूसरों पर आश्रित न होकर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनना चाहिए । आत्म-सहायता ही हमारे जीवन का मूल सिद्धांत, मूल आदर्श एवं मूल-मन्त्र होना चाहिए । आत्मविश्वासी व्यक्ति वीर और संकल्पी होता है । वह बाहरी सहायता पर विश्वास नही करता बल्कि मुसीबतों से संघर्ष करता है तथा हर पग पर नए अनुभव प्राप्त करता है । ऐसा व्यक्ति ही दया, आदर और प्रशंसा का अभिप्राय माना जाता है । हरियाणा सरकार अपनी योजनाओं से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याण की योजनाओं को चला रही है जिसका लाभ अनुसूचित जाति और जनजाति को अवश्य लेना चाहिए ।
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राकेश गर्ग, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि उपस्थित रहे.

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