भजन संध्या और ब्रह्मज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया
BOL PANIPAT (19 मार्च 2023) सनौली रोड आदर्श कालौनी स्थित भगवान परशुराम मन्दिर में नव विक्रमी सम्वत 2080 के आगमन पर भजन संध्या और ब्रह्मज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें विद्वान ब्राह्मणों और पानीपत नगर के प्रतिष्ठित जन ने भाग लिया। सर्वप्रथम भजन संकीर्तन का कार्यक्रम हुआ जिसमें सतनाराण शर्मा, दीपक शर्मा, जोनी शर्मा ने अपने भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि युधिष्ठिर लाल शर्मा, ऊषा शर्मा, विजय सहगल एवं चंचल सहगल का स्वागत फूलमालाओं और स्मृति चिन्ह देकर किया गया। कार्यक्रम में रमेश माटा, गजेन्द्र सलूजा, चन्द्रशेखर शर्मा, पुरूषोत्तम शर्मा, डा. रमेश रहेजा, अशोक नारंग को भी उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। तत्पश्चात ब्रह्मज्ञान सम्मेलन में केवल कृष्ण शर्मा ने बोलते हुए कहा कि वास्तव में नव विक्रमी सम्वत ही देश की माटी से जुड़ा हुआ वर्ष है। जनवरी में आने वाले ईस्वी सन से हमारे देश के मौसम या जलवायु का कोई मेल नहीं है। नन्दकिशोर कौशल ने कहा कि पुराने समय में आकाश को 12 भागों में बांटा गया था जिसमें सातवें भाग को सप्तअम्बर आठवें भाग को अष्टअम्बर, नवम भाग को नवमअम्बर और दसवें भाग को दशअम्बर कहा गया, पाश्चात्य जगत ने हमारे इन महीनों के नामों को चुराकर क्रमशः उन्हें सितम्बर, अक्तूबर, नवम्बर और दिसम्बर बना दिया। परशुराम शर्मा ने कहा कि देश और धर्म की रक्षा के लिए गऊमाता को बचाना जरूरी है। अशोक शर्मा ने कहा कि विक्रमादित्य ने विक्रमी सम्वत आरंभ किया था सम्वत आरंभ वहीं राजा कर सकता है जिसके राज्य में कोई कर्जदार न हो और सभी सुखी हों। अंजना शर्मा ने कहा कि नवरात्रों में कन्या पूजन का बहुत महत्व है। दो वर्ष की कन्या से लेकर 10 वर्ष की कन्या तक का पूजन किया जा सकता है। ब्रह्मर्षि श्रीनाथ जी महाराज ने कहा कि बच्चों को नवसम्वत के बारे में जानकारी देना बहुत आवश्यक है। तभी हम अपनी परम्परा को अगली पीढ़ी तक पहुँचा सकेंगे। इस अवसर पर पिंकल शर्मा, महेन्द्र शर्मा, ईश्वर शर्मा, लाल गोस्वामी, संजय शर्मा, वेद गोस्वामी, वेद शर्मा, सोनू शर्मा, गौरव शर्मा, हिमांशु शर्मा, सतीश शर्मा आदि उपस्थित थे।

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