Monday, April 20, 2026
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कंपनी में निवेश के नाम पर प्रलोभन देकर निवेशकों से 97 लाख 49 हजार 700 रूपए की ठगी मामले में दो और आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पानीपत पुलिस

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at June 2, 2023 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 02 जून 2023,प्रलोभन देकर कंपनी में निवेश करने के नाम पर विभिन्न निवेशकों से ठगी के मामले में थाना औद्योगिक सेक्टर 29 पुलिस टीम ने और दो आरोपी राजेश निवासी खुरजा बुलंदशहर यूपी व करनपाल निवासी मेरठ यूपी को राजस्थान की भरतपूर जेल से वीरवार को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर माननीय न्यायालय में पेश किया। जहा से दोनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।

थाना औद्योगिक सेक्टर 29 प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि विकाश नगर निवासी गोविंद पुत्र ज्ञान सिंह ने थाना औद्योगिक सेक्टर 29 में शिकायत देकर बताया था कि यूपी के मेरठ जिला के गांव मवाना निवासी बृजमोहन ने नवम्बर 2017 में उसको बताया कि वह गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी नोएडा का एजेंट है। कपनी द्वारा 28 जनवरी 2018 को गौतम बुद्व नगर युनिवर्सिटी अल्पना कॉलेज नोएडा में एक सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। बृजमोहन ने सेमिनार में उसको परिवार, रिश्तेदार व दोस्तों को लाने के लिए कहा।
वह अपने कुछ साथियों को साथ लेकर नोएडा सेमिनार में गया। वहा एजेंट बृजमोहन व कंपनी के सीएमडी संजय भाटी निवासी गाजियाबाद, राजेश निवासी खुरजा बुलंदशहर, करनपाल, ललित व विशाल निवासी मेरठ यूपी ने उनको कंपनी में पैसे निवेश करने का प्रलोभन दिया। उक्त सेमिनार के दौरान निवेशकों को गाड़ी व बाइक बाटी गई थी।
सेमिनार के बाद उनकों उक्त सभी ने कहा कि कंपनी की एक मिटिंग 18 फरवरी 2018 को पानीपत में लक्ष्मी रसोई में आयोजित की जा रही है। पानीपत मिटिंग में उनकों व अन्य साथियों को बताया गया कि कंपनी में 62100 रूपए निवेश करने पर कंपनी एक साल तक प्रतिमाह 9765 रूपए वापिस देगी। इसी प्रकार 124200 रूपए निवेश करने पर 19330 रूपए प्रतिमाह वापिस देगी। बताया गया निवेश किये पैसे से कंपनी मोटर साइकिल खरीदकर किराये पर चलाया जाएगा। इससे जो मुनाफा होगा वह निवेश की गई राशि की किश्त के साथ वापिस दिया जाएगा। इसके साथ ही उनको प्रलोभन दिया गया कि कंपनी में जो कोई भी नए निवेशक को जोड़ेगा उसको अपने द्वारा जोड़े गए निवेशक की आय में से कमीशन भी दिया जाएगा। उसने व अन्य साथियों ने बातों पर विश्वास करते हुए कंपनी की आईडी बनवा ली और पैसे निवेश कर दिए।
कंपनी ने कुछ समय बाद उसको व उसके माध्यम से जुड़े निवेशकों की किश्त अदा करनी बंद कर दी। उसने कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों से किश्तों की मांग की तो वह आश्वासन देकर टालते रहे। बाद में 100 दिन में पैसे वापिस देने का आश्वासन दिया गया। कंपनी के अधिकारी करनपाल ने उसको व उसके माध्यम से जुड़े निवेशकों को फर्जी पोस्ट डेटिड चैक दिए। उनको बाद में पता चला की करपाल ने जारी किये चैक पर जानबूझकर अपने अलग- अलग हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी की है। बाद में पता चला आरोपियों ने दिसम्बर 2018 में कंपनी को ही बंद कर दिया है। उक्त सभी आरोपियों ने धोखाधड़ी कर उससे व उसके माध्यम से जुड़े निवेशकों से 97 लाख 49 हजार 700 रूपए हड़प लिए। कंपनी के खिलाफ यूपी के अलग- अलग शहरों में भी धोखाधड़ी के दो मुकदमें दर्ज है। गोविंद की शिकायत पर थाना औद्योगिक सेक्टर 29 में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम ने अनुसंधान करते हुए आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी राजेश व करनपाल ने मामले में नामजद अपने साथी आरोपियों के साथ मिलकर कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। आरोपियों ने बताया कि उनकी कंपनी वर्ष 2010 में रजिस्टर्ड हुई थी। जून/जुलाई 2018 तक उन्होंने कंपनी को अच्छे से चलाया। इसके बाद निवेशकों को प्रलोभन दिया गया कि अपना पैसा इसी वर्ष कंपनी में निवेश कर लो वर्ष 2019 में स्कीम मंहगी हो जाएगी। निवेशकों ने कपंनी पर विश्वास करते हुए और पैसा लगा दिया। बाद में उन्होंने निवेशकों को किश्त का पैसा वापिस देना बंद कर दिया। गहनता से पूछताछ करने के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को रिमांड अवधी पूरी होने पर शुक्रवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहाँ से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया। उक्त मामले में इनके दो साथी आरोपी ललित व विशाल निवासी मेरठ की जुलाई 2022 में गिरफ्तारी हो चुकी है।

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