7 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की वारदात का पानीपत पुलिस ने किया खुलासा. 4 बदमाश गिरफ्तार.
एक शिक्षण संस्थान संचालक को व्हाट्सएप कॉल और वॉइस नोट भेजकर मांगी थी रंगदारी
BOL PANIPAT , 01 अगस्त : शिक्षण संस्थान संचालक को व्हाट्सएप कॉल और वॉइस नोट भेजकर 7 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की वारदात का पानीपत पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान गांव अदियाना निवासी अजय व रोहित, गांव सिवाह हाल विकास नगर निवासी अमित तथा एनएफएल निवासी रिहान के रूप में हुई है। आरोपियों ने विदेश में बैठे असामाजिक तत्वों को पीड़ित व उसके संस्थान की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने शनिवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि एक शिक्षण संस्थान संचालक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 3 जुलाई को अपने शिक्षण संस्थान में मौजूद था। उसके फोन पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को हेरी बॉक्सर बताया और कहा कि उसे उनके सभी स्कूलों और कॉलेजों की जानकारी है। उसने धमकी देते हुए 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी तथा एक वॉइस नोट भेजकर कहा कि उसकी आवाज की पुष्टि कर लेना। साथ ही नंबर ब्लॉक करने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। शिकायत मिलने पर थाना समालखा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई तथा जांच की जिम्मेदारी सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार की टीम को सौंपी गई। सीआईए-वन की टीम ने साइबर सेल के सहयोग, तकनीकी साक्ष्यों और मजबूत मानवीय सूचना तंत्र की मदद से मामले का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार शाम चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी पानीपत के रहने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने विदेश में बैठे रंगदारी मांगने वाले असामाजिक तत्वों को पीड़ित की जानकारी उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अजय वर्ष 2022 में डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था और वर्ष 2026 में डिपोर्ट होकर भारत लौट आया। अमेरिका में रहने के दौरान उसकी एक असामाजिक तत्व से मुलाकात हुई थी। अब कुछ दिन पहले उसी असामाजिक तत्व ने एप के माध्यम से आरोपी अजय से संपर्क कर पैसों का लालच देते हुए शिक्षण संस्थान की जानकारी जुटाने को कहा।
आरोपी अजय ने यह बात अपने साथी रोहित को बताई। रोहित ने अमित के साथ मिलकर रिहान से संपर्क किया। रिहान पहले संबंधित शिक्षण संस्थान में पढ़ चुका था और उसे संस्थान की पूरी जानकारी थी। इसके बाद तीनों ने संस्थान और उससे जुड़े अन्य स्थानों की रेकी कर पूरी जानकारी अजय को उपलब्ध कराई, जिसे उसने एप के माध्यम से विदेश में बैठे असामाजिक तत्व तक पहुंचा दिया।
पुलिस ने शनिवार को चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि अपराध और अपराधियों को किसी भी रूप में पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठे कुछ असामाजिक तत्व भोले-भाले युवाओं को प्रलोभन देकर गलत रास्ते पर ले जाते हैं। इन तत्वों के खिलाफ पानीपत सहित विभिन्न राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेल और शिक्षा पर ध्यान दें तथा ऐसे लोगों के बहकावे में आकर अपना भविष्य खराब न करें।

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