Friday, September 11, 2026
Newspaper and Magzine


एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने झटके कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज ताइकवांडो चैंपियनशिप में आठ पदक  

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at December 3, 2025 Tags: , , , , ,

पांच खिलाड़ियों का हुआ आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी ताइकवांडो चैंपियनशिप के लिए चयन 

बुद्धिमानी, कौशल और तेज गति के समन्वय का खेल है ताइकवांडो: दिनेश गोयल     

BOL PANIPAT , 02 दिसम्बर.   एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने शानदार खेल के दम पर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज ताइकवांडो चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक के बल पर कुल आठ पदक जीतकर अपने हुनर का लोहा मनवाया । छह पदक ताइकवांडो और दो पदक पूमसे में हासिल हुए । कीर्ति, कृष, साक्षी, विशाल, प्रीती और तन्नु के शानदार खेल की बदौलत एसडी कॉलेज की ताइकवांडो टीम ने इस उपलब्धि को हासिल किया । कीर्ति ने 87 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण, कृष ने 74  किलोग्राम भार वर्ग रजत, साक्षी ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में रजत, विशाल ने 58 किलोग्राम भारवर्ग में रजत, तन्नु ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में दो कांस्य, प्रीती ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर कॉलेज का मान बढाया । कॉलेज के खिलाडियों ने बुद्धिमानी, कौशल और तेज गति के समन्वय से विरोधी खिलाड़ियों की एक न चलने दी और अपने सारे मैचों में विरोधी टीमों पर दबदबा बनाकर रखा । कीर्ति, कृष, साक्षी, विशाल और प्रीती का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए भी हो गया है जो कॉलेज के लिए एक विलक्ष्ण उपलब्धि है । सभी खिलाड़ियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रेखा, प्रो नीलम, कोच अंकुश मलिक, ग्राउंड्स मैन प्रताप और अन्य प्राध्यापकों ने किया ।            

कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने ताइकवांडो में शानदार खेल दिखाने और मैडल जीतने पर सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि बच्चों के जीवन में खेल के बहुत लाभ है । विद्यार्थियों का सही एवं स्वस्थ्य विकास खेलों से ही संभव है । आजकल के युवाओं और बच्चों में मोटापे की समस्या बहुत बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए आवश्यक है कि उन्हें किसी न किसी खेल में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए । हर प्राध्यापक और अभिभावक को चाहिए कि वह अपने बच्चों को खेल के फायदे समझाए । यदि हम अपने बच्चों को बचपन में खेलने से रोक रहे हैं या बच्चे मोबाइल में ही व्यस्त रहते है तो न सिर्फ उनका बचपन खराब हो रहा है बल्कि उनकी सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है । 

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और उन्हें इंटर यूनिवर्सिटी में भी बेहतर खेल दिखाने के लिए प्रौत्साहित किया । उन्होनें कहा कि युवा जीवन में खेलों में भाग लेने से युवाओं के सामाजिक कौशल का विकास होता है और वे टीम वर्क सीखते है जो गुण भविष्य में बहुत काम आते है । मस्तिष्क के विकास के लिए भी खेल बहुत जरुरी है । शारीरिक विकास के साथ-साथ मन का विकास भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है । खेल अच्छी अंग विन्यास के विकास में काफी सहायक सिद्ध होते है । स्वस्थ हृदय, मजबूत श्वसनतंत्र और इम्यूनिटी बढाने के लिए खेल रामबाण साबित होते है । प्रतियोगी भावना भी हमें खेलों से ही मिलती है । खेलों के इतने फायदे है जिन्हें गिनाना भी मुश्किल है । हर युवा को चाहिए की वह कम से कम एक खेल को अपने जीवन में जरुर अपनाए और इसमें दक्षता हासिल करे । 

डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष ने कहा कि ताइकवांडो मार्शल आर्ट का एक कोरियाई रूप है जिसमें पंचिंग और किकिंग तकनीकों की विशेषता है और जिसमें सिर की ऊंचाई वाली किक, स्पिनिंग जंप किक और फास्ट किकिंग तकनीक पर जोर दिया जाता है । ताइकवांडो एक पारंपरिक कोरियाई मार्शल आर्ट है जिसका अर्थ है ‘लात मारने और मुक्का मारने का तरीका’ । ताइकवांडो में किया गया शारीरिक प्रशिक्षण उद्देश्यपूर्ण है और मानसिक आयुध के माध्यम से मन की शक्ति को भी बढ़ावा देता है । ताइकवांडो की उत्पत्ति कोरिया के 50 ईसा पूर्व से हुई जब सिला राजवंश के योद्धा हवारंग ने एक मार्शल आर्ट विकसित करना शुरू किया । 20वीं सदी की शुरुआत तक आते-आते ताइकवांडो कोरिया में प्रचलित मार्शल आर्ट का प्रमुख रूप बन गया । इसके बाद ताइकवांडो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए कोरियाई राष्ट्रीय मार्शल आर्ट के रूप में नामित किया गया था । 1973 में वर्ल्ड ताइकवांडो फेडरेशन को खेल के विश्वव्यापी वैध शासी निकाय के रूप में स्थापित किया गया और उसी वर्ष कोरिया के सियोल में इसकी पहली विश्व चैंपियनशिप आयोजित की गई । 

Comments