-पीएम किसान सम्मान निधि योजना. 31 तक नहीं केवाईसी तो खो देंगे सम्मान निधि.
लाभार्थियों के दस्तावेजों की ई-केवाईसी में जुटा कृषि विभाग
BOL PANIPAT , 26 जुलाई। आजादी से अंतोदय तक अभियान के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की ई-केवाईसी करवाने के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि तय की गई है। इसलिए कृषि विभाग की पूरी टीम ने किसानों को अपने-अपने बैंक खातों की ई-केवाइसी करवाने के प्रति जागरूक करने हेतु अपनी ताकत झोंक दी है। यदि 31 जुलाई तक भी लाभार्थी किसान ने अपने बैंक खाता की ई-केवाइसी नहीं करवाई तो आने वाली 12वीं किस्त के साथ-साथ आगामी किस्त भी बंद हो सकती है।
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए हाल ही में पंजीकृत किसानों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी किया गया है, जिसके तहत योजना का गलत लाभ उठा रहे किसानों को योजना से बाहर किया जाएगा। भारत सरकार के आदेशानुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह द्वारा भी प्रदेश के सभी उप निदेशकों को आदेश दिए गए हैं कि 31 जुलाई तक लाभार्थी किसानों की ई-केवाईसी हो जानी चाहिए। इस कार्य में कोई लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
28 हजार किसानों ने नहीं करवाई ई.केवाइसी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिला पानीपत में लगभग 54 हजार किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिनमें से अब तक लगभग 28 हजार किसानों ने अपनी ई-केवाइसी अपडेट नहीं करवाई है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने अपनी ई-केवाइसी अपडेट नहीं करवाई है, उनकी सूची जिले में कृषि विभाग के सभी कार्यालयोंं, खंड कार्यालय, सीएससी व अटल सेवा केंद्र के बाहर चस्पां करवाई गई है ताकि संबंधित किसान सूची में अपना नाम देखकर उसी अनुसार अपनी ई-केवाइसी अपडेट करवा सकें।
गांवों में मुनादी और बैठकें करके किया जा रहा जागरूक
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा पूरे जिले में जबरदस्त अभियान चलाया गया है। इसके तहत विभाग के सभी फिल्ड अधिकारियों व कर्मचारियों को गांव-गांव में भेजकर किसानों को अपनी ई-केवाइसी करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत गांवों में बैठकें करके व मुनादी करवाकर किसानों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है ताकि सभी किसान 31 जुलाई से पहले अपने-अपने बैंक खातों की ई-केवाइसी करवा लें और उनको अगली किस्त समय पर मिल सके।

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