पीडि़तों को समय पर न्याय और सहायता देना प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
जिला सतर्कता समिति सक्रिय: लंबित मामलों की समीक्षा, योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस
समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा और सम्मान मिले
सतर्कता कमेटी की बैठक: शिकायतों पर सख्त रुख, पीडि़तों को राहत देने पर जोर
अत्याचार मामलों पर प्रशासन सख्त, राहत राशि वितरण में तेजी लाने के निर्देश
BOL PANIPAT , 27 अप्रैल। जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने की। बैठक में अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई और पीडि़तों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में कुल 7 शिकायतों पर विचार किया गया, जिनमें से 2 मामलों में कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि 3 मामलों की जांच जारी है। एक मामले को पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मिलने वाली राहत राशि निर्धारित नियमों के अनुसार बिना देरी के वितरित की जाए। उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा और सम्मान मिले। अत्याचार से जुड़े मामलों में पीडि़तों को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की जानकारी प्रस्तुत की। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी बैठकों के माध्यम से निगरानी और मजबूत की जाएगी, ताकि पीडि़तों को समय पर राहत मिल सके। इस मौके पर डी एसडब्ल्यू जयेपान हुड्डा, डीआईपीआरओ सुनील बसताडा के अलावा सदस्य सत्य प्रकाश, ओमप्रकाश पूर्व सरपंच सत्यवान झंडा,सुभाष दून, संजय सिंहाल, श्रीमती पूनम आदि मौजूद रहे।

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