Tuesday, June 2, 2026
Newspaper and Magzine


राज्यसभा सांसद कर्तिकेय शर्मा ने राज्य स्तरीय परशुराम जयंती कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों को न्यौता दिया।

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 24, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 24 अप्रैल। राज्यसभा सांसद कर्तिकेय शर्मा ने वीरवार को गोहाना रोड़ संजय कॉलोनी स्थित परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में आमजन को सम्बोधित करते हुए आगामी 27 अप्रैल को पंचकूला में होने वाले राज्य स्तरीय परशुराम जयंती कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उपस्थित सभी ब्राह्मण समाज के लोगों को न्यौता दिया।
उन्होंने कार्यक्रम में पहलगाम में हुई अमानवीय घटना को लेकर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है अगर कोई अमानवीय घटना होती है तो हम ऑखों में ऑंखे डालकर बात करेंगे, और वो समय अब आ गया है। इसी को लेकर दो मिनट का मौन धारण भी किया गया।
उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि ब्राह्मण समाज ज्ञान, ब्रहम ज्ञान और विज्ञान के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पानीपत की इस पवित्र धरती पर आने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। हमें परशुराम जी की शिक्षाओं का अनुसरण करना होगा। उनके द्वारा दी गई शिक्षा को बढ़ावा देने का काम करना होगा और जो पंचकूला में राज्य स्तरीय परशुराम जयंती कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उसका मुख्य उद्ïेश्य है कि हम सब मिलकर कार्य करें। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का वर्णन हर युग में मिलता है और अंत में हमेशा बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। उन्होंने कहा कि भगवान के 24 अवतार हुए हैं। जिसमें से छटा अवतार स्वयं परशुराम जी का है।
उन्होंने कहा कि परशुराम जयंती कार्यक्रम आप सभी के साथ-साथ प्रदेश सरकार का कार्यक्रम है। जो हमारे मुद्ïदे हैं हम हरियाणा के मुख्यमंत्री के सामने रखने का काम करेंगे। हमें खुद व्यवस्थित होना पड़ेगा।
उन्होंने आए हुए लोगों को कहा कि जो आपकी धर्मशालाएं हैं इनको कम्प्यूनिकेशन से जोडऩा होगा। जिसके जरिए हर एक धर्मशाला में एक कमरा गरीब बच्चो की पढाई के लिए सुनिश्चित करें ताकि जो गरीबों के बच्चें हैं वो इनमें पढाई करके अपना व देश का भविष्य बना सके। इस मौके पर ब्राहम्ण सभा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश गौतम, परशुराम धर्मशाला के प्रधान रामफल शर्मा, पंकज शर्मा, नेहा शर्मा, दीपक शर्मा, सेक्रेटरी बबलू शर्मा आदि मौजूद रहे।

Comments