पाइट में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आज परिणाम. एआइ से खेती का मॉडल बना. छह विजेता टीमों को मिलेंगे एक-एक लाख.
-स्मार्ट खेती करेंगे किसान, डिवाइस बता देगा मिट्टी को कितना पोषण चाहिए
BOL PANIPAT : समालखा – तमिल नाडु के कलासलिंगम एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड एजुकेशन के छात्र-छात्राओं की एजाइल एवेंजर्स टीम ने मोबाइल फोन जितना डिवाइस बनाया है। इसके माध्यम से किसान को अपनी मिट्टी के बारे में प्रत्येक छोटी से छोटी जानकारी हो जाएगी। पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी (पाइट) में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के सातवें संस्करण में छात्रों ने यह प्रोजेक्ट बनाया है। 11 दिसंबर से शुरू हुआ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआइएच) का 15 दिसंबर को समापन होगा।

तमिल नाडु की टीम ने कम बजट में छोटी से किट बनाई है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) आधारित किट के माध्यम से स्मार्ट खेती की जा सकती है। पोर्टेबल डिवाइज का प्रयोग करके सेंसर फीचर लगाए गए हैं। किसान को एआइ से पता चल जाएगा कि मिट्टी को कब-कब किसकी जरूरत है। सालों साल का डाटा इसमें रहेगा जो समय-समय किसान को अलर्ट करता रहेगा। किसान अगर स्मार्ट खेती करेंगे तो उन्हें मिट्टी के पोषक तत्वों के बारे में जानने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। दो मिनट में उन्हें पता चल सकता है कि जमीन को कितनी खादी चाहिए। किस माध्यम से फसल को बढ़ाया जा सकता है।
पानी के साथ मिट्टी प्रयोग
पुणे के एमआइटी आर्ट डिजाइन एंड टेक्नॉलोजी यूनिवर्सिटी से ग्रीन फ्लो टीम ने मिट्टी के पोषक तत्वों का पता लगाने के लिए लिक्विड प्रयोग किया है। किट में मिट्टी और पानी को साथ मिलाया जाएगा। उनकी किट एक मिनट में परिणाम सामने बता देगी। जांच के लिए लैब की रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। हार्ड वेयर और साफ्टवेयर वर्जन में बनाए इस प्रोजेक्ट में डाटा साइंस के आधार पर भी काम होगा।
दिन-रात टीमों ने काम किया
एसआइएच के लिए पाइट में नियुक्त सिंग्ल पॉइंट ऑफ कॉन्टेक्स (स्पोक) डॉ .पूनम जागलान ने बताया कि 11 दिसंबर से टीमें दिन-रात प्रोजेक्ट बना रही हैं। पाइट की आइडिया लैब में ही इन्होंने अपने प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सामान बनाया। विशेषज्ञ जजों ने अलग-अलग राउंड में प्रोजेक्ट को नंबर दिए हैं। अब 15 दिसंबर को परिणाम आएगा। विजेता छह टीमों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

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