बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया
BOL PANIPAT , 23 दिसंबर। जिला उपायुक्त एवं जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि जिले में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार की सभी बाल कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक समय पर पहुँचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिला सचिवालय से सभागार में मंगलवार को चाइल्ड वेलफेयर एंड प्रोटेक्शन कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ दहिया ने निर्देश दिए कि बाल देखरेख संस्थानों, ओपन शेल्टर होम तथा गैर-संस्थागत योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि पोक्सो मामलों में पुलिस, बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई करें, ताकि पीडि़त बच्चों को समय पर सहायता व संरक्षण मिल सके।
डॉ. दहिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे जागरूकता शिविरों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बाल विवाह, बाल श्रम, शोषण और गुमशुदगी जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों, पंचायतों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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