एसडी पीजी कॉलेज बना कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र वुशु (पुरुष) का ओवर आल चैंपियन
–एक ही परिवार के तीन बेटो ने वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट जीतकर सफलता का परचम लहराया
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट जीतकर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट ओवर आल चैंपियनशिप पर कब्ज़ा कर लिया. टूर्नामेंट का आयोजन कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र में हुआ. वुशु टीम में शामिल अमित, सुनील, अनिल ने शानदार खेल दिखाते हुए सभी विरोधी टीमों को पछाड़ दिया. ये तीनो खिलाडी सगे भाई है. इनके पिताजी का देहांत हो चुका है. बड़े भाई की रूचि सातंवी कक्षा में वुशु खेल में हुई तत्पश्चात दोनों छोटे भाइयों ने उसका अनुसरण किया. तीनो भाई प्रतिदिन नियमित घंटों वुशु का अभ्यास करते थे और स्कूल स्तर पर नेशनल लेवल पर कई पदक भी प्राप्त कर चुके है. तीनो खिलाडियों का आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में चयन हो गया है. टूर्नामेंट में अमित ने 65KG केटेगरी में यमुना नगर, राजकीय महाविद्यालय पंचकूला और फाइनल में एस.डी. कॉलेज अम्बाला कैंट को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया. इसी प्रकार अनिल व सुनील ने भी अपने विरोधी खिलाडियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण और रजत पदक पर कब्ज़ा किया. कॉलेज टीम का प्रत्येक मैच में पूरा दबदबा रहा और खिलाडियों का समन्वय और जोश देखते ही बनता था. कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, कोच शरीफ, ग्राउंडसमैन प्रताप और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सभी खिलाडियों के कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर उन्हें बधाई दी और उनकी इस उपलब्धि को अद्भुत बताया.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट ओवर आल चैंपियनशिप जीतने पर पर सभी खिलाड़ी छात्रों को बधाई दी और कहा की कॉलेज को इन खिलाडियों पर नाज है. खेल की भावना, धैर्य, सहनशीलता, टीम में कार्य करना, आपसी समन्वय जैसे कितने ही सकारात्मक गुण खिलाडियों में पैदा होते है जो बाद के जीवन में हमारे बहुत काम आते है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कॉलेज की वुशु (पुरुष) टीम के खेल और मेहनत की तारीफ़ करते हुए उन्हें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) चैंपियनशिप का ओवर आल चैंपियन बनने पर बधाई दी. उन्होनें कहा की जो छात्र-छात्राएं खेलों में भाग लेते है वे जीवन में ऊँचाइयों को छूते है. सामाजिक कौशल, आत्मविश्वास, टीम वर्क, झूझारुपन का विकास भी खेलों में भाग लेने से होता है. खेल-कूद शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास में भी सहायक है.
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने वुशु के खेल पर प्रकाश डालते हुए कहा की वुशु, एक पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट खेल है, इस खेल को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है – ताओलू और संसौ। ताओलू पूर्व निर्धारित, एक्रोबेटिक आंदोलनों से संबंधित है जहां प्रतियोगी काल्पनिक हमलावरों के खिलाफ उनकी तकनिकियों पर महारथ हासिल की जाती है। दूसरी तरफ, संसौ एक पूर्ण संपर्क खेल है, प्राचीन प्रथाओं और आधुनिक खेल सिद्धांतों का संयोजन है, जो कि कुश्ती या किक-मुक्केबाजी जैसा दिखता है।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ. राकेश गर्ग, डॉ प्रो मयंक अरोड़ा, कोच शरीफ, ग्राउंड्समैन प्रताप मौजूद रहे.

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