Friday, April 17, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में आयोजित राज्य स्तरीय चार दिवसीय रत्नावली युवा महोत्सव में किया जानदार प्रदर्शन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 3, 2025 Tags: , , , , ,

युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र द्वारा प्रायोजित रहा रत्नावली युवा महोत्सव 

 -15 विधाओं में से 11 विधाओं में कॉलेज के प्रतिभागियों ने जीते ईनाम 

सांस्कृतिक उत्सव युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और युवाओं के सर्वांगीण विकास में योगदान देते हैं : दिनेश गोयल

BOL PANIPAT , 03 नवम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित चार दिवसीय रत्नावली युवा महोत्सव में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 विधाओं में से 11 विधाओं में स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया । विदित रहे कि रत्नावली महोत्सव हरियाणा की संस्कृति, परंपरा और कला को संरक्षित करने का सबसे बड़ा उत्सव है जिसमें प्रदेश के हजारों विद्यार्थी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते है और यह उत्सव इन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ता है । कॉलेज के विजेता प्रतिभागियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर प्रधान दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने उत्साहवर्धन और सम्मान किया । उनके साथ कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ मोनिका खुराना, डायरेक्टर विशाल शर्मा, प्रो संजय चोपड़ा, प्रो कविता, प्रो किरण मलिक, प्रो मीतू सैनी, प्रो एकता, प्रो भारती, प्रो शिवानी, प्रो अमन, प्रो मंजीत, प्रोममता रावल आदि भी उपस्थित रहे जिनके प्रयासों को भी सभी ने सराहा । कॉलेज ने लूर नृत्य, सांग, मोनो एक्टिंग में प्रथम स्थान और नाटक में भी बेस्ट एक्टर का प्रथम स्थान पाया । रिचुअल्स, रसिया नृत्य और एकल नृत्य (पुरुष) में कॉलेज को द्वितीय स्थान मिला । इसी प्रकार एकल नृत्य (महिला) और हरियाणवी ग्रुप डांस में कॉलेज को तीसरा स्थान मिला । फोक इंस्ट्रुमेंटल सोलो और रागनी में भी कॉलेज ने ईनाम हासिल किये । कॉलेज  के प्रतिभागियों के इस शानदार प्रदर्शन पर कॉलेज में जश्न का माहौल बना रहा और सभी ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की भरपूर प्रशंसा की ।  

दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति का इतिहास समृद्ध है और हरियाणवी संस्कृति कालजयी है । आज जरूरत है कि हरियाणवी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए इसकी परम्पराओं को आगे बढ़ाया जाए और यही कार्य एसडी कॉलेज ने किया है । ख़ासतौर पर जिस तरह से कन्याओं ने आगे आकर इन विधाओं में भाग लिया है उससे उन्हें बहुत ख़ुशी अनुभव हुई है । शिक्षा में सांस्कृतिक गतिविधियों का यह पहलु उन्हें बहुत सुखद लगा है ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि आज की परिस्थितियो में अधिकांश लोग एकाकी और दुःख से भरा जीवन जीने को मजबूर हैं । यह इंसान और इंसानियत के लिए अच्छे संकेत नहीं है । ऐसी घड़ी में गीत, संगीत और नाटक द्वारा ही युवाओं में परिलक्षित गहरी खाई को समाप्त किया जा सकता है और जीवन के प्रति उनके मन में जो भावानुरा है उन्हें बदला जा सकता है । रत्नावली इसी उद्देश्य की पूर्ति करती है । रत्नावली महोत्सव का महत्व हरियाणा की संस्कृति, परंपरा और कला को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में है । यह उत्सव युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ता है और उनके सर्वांगीण विकास में योगदान देता है । इसके अतिरिक्त यह स्वदेशी कौशल, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देता है जिससे आर्थिक विकास को भी गति मिलती है । रत्नावली हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकगीत, नृत्य, कला और परंपराओं को जीवित रखने और भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच है । यह उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है और उन्हें अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित करता है । यह सीखने और अनुभव प्राप्त करने का एक मंच है । महोत्सव में ‘मेक इन इंडिया’, नवाचार और उद्यमिता को प्रदर्शित किया जाता है । छात्रों द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों और तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है जो आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के सपने को साकार करने में मदद करते हैं । सभी प्रतिभागी विद्याथियों को बहुत-बहुत बधाई ।

डॉ मोनिका खुराना ने कहा कि रत्नावली महोत्सव हरियाणा में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करता है जिससे राज्य की पहचान केवल कृषि और उद्योग से परे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित होती है ।  यह महोत्सव एक साथ साहित्य, संगीत और कला का जीवंत संगम प्रस्तुत करता है । यह केवल एक कला उत्सव नहीं है बल्कि मानव गरिमा, पहचान और अधिकारों का भी उत्सव है । 

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