खोतपूरा गांव में किया गया एनएसएस स्पेशल कैंप के छठे दिन का आयोजन
BOL PANIPAT : ज़ी टी रोड स्थित आईबी पीजी महाविद्यालय में एनएसएस यूनिट द्वारा सात दिवसीय एनएसएस स्पेशल कैंप के छठे दिन का आयोजन खोतपूरा गांव में किया गया । प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने कैंप में आए और उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन बढ़ाया उन्होंने यह भी कहा कि हमें हमेशा समाज की सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए एनएसएस एक बड़ी योजना है यह सिर्फ सर्टिफिकेट लेने की साधना नहीं है एनएसएस के द्वारा विभिन्न प्रकार की गतिविधियों द्वारा जरूरतमंद लोगों की सहायता कर सकते हैं । उप प्राचार्य डॉ मधु शर्मा जी ने कहा कि भारत हमारी मां है इसकी शान में हम स्वदेशी अपनाएं और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करें तभी हम अपने भारत को आत्मनिर्भर बना सकेंगे
हमें सबसे पहले खुद ही सब देश वस्तुएं अपनाने चाहिए और इसका प्रचार प्रसार करना चाहिए । एनएसएस संयोजक डॉक्टर जोगेश कुमार जी ने बताया कि आज हमारे एन एस एस स्पेशल कैंप का छठा दिन है और हमने अपनी पूरी जिम्मेदारी से बहुत सी गतिविधियां की है जैसे साक्षरता अभियान, सड़क सुरक्षा अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान आदि ।
प्रातः कालीन सत्र में डॉ किरण मदान द्वारा “युवा सोच युवा जोश” पर विचार व्यक्त किए । उन्होंने बताया कि युवा अपने भाग्य के निर्माता खुद है हम अपने भविष्य को उज्जवल खुद बना सकते हैं युवा ही युग का जीवन है । अगर हम आकाश की ओर देखे तो हम अकेले नहीं हैं सारा ब्रह्मांड हमारे अनुकूल है उन्होंने यह भी बताया कि “जो पानी से नहाते हैं वह अपना लिबास बदलते हैं और जो पसीने से नहाते हैं वह अपना इतिहास बदलते हैं” ।
इसके पश्चात डॉक्टर पूनम मदान द्वारा स्वयं सेवकों को विचार व्यक्त किए गए उन्होंने तीन चीजों को महत्वपूर्ण बताया “पैशन, प्रैक्टिस एंड पेशेंस” । उन्होंने बताया कि हम सब को बाहरी साधन या ज्ञान पर भरोसा नहीं करना चाहिए हमें अपने इंटरनल फैशन को खुद ही पहचानना है और आगे बढ़ना है । हमें बार-बार अभ्यास करते रहना चाहिए जब तक हम अपने लक्ष्य को प्राप्त ना कर सके । डॉ रामेश्वर दास जी ने स्वयंसेवकों को बताया कि मनुष्य में प्रेरणा और आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है और जिस भी व्यक्ति में प्रेरणा और आत्मविश्वास दोनों ही हैं तो वह अपने आप में एक और मनुष्य है और वही व्यक्ति समाज की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहता है ।
इसके पश्चात प्रोफेसर अंजलि द्वारा स्वयंसेवकों को जल संरक्षण के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि आज के इस जीवन में जल सिर्फ 3% ही है । अगर हम जल को नहीं बचाओगे तो आने वाले भविष्य में यह 3% जल भी खत्म हो जाएगा और सभी को जल की कमी का सामना करना पड़ेगा । हम सबको आज की नई नई तकनीकों के द्वारा जल का बचाव करना है ताकि आने वाले समय में हम सब के लिए जल प्राप्त हो । सायंकालीन सत्र में प्रोफेसर रितु भारद्वाज द्वारा स्वयं सेवकों को फर्स्ट एड एंड होम नर्सिंग की ट्रेनिंग दी गई । जिसमें स्वयंसेवकों को CPR की विधि बताई और यह बताया कि अगर किसी के साथ की दुर्घटना हो जाती है तो अचानक से हमें क्या करना चाहिए ताकि पेशेंट की जान बचाई जा सके ।
इसके पश्चात श्रीमान धर्मेंद्र दहिया जोकि फायर फाइटर फायर विभाग से है, उनके द्वारा स्वयं सेवकों को आग से बचने के उपाय बताए गए। जिसमें एलपीजी सिलेंडर में आग लगने पर उसको विभिन्न तरीके से काबू करने के तरीके प्रैक्टिकल डेमो करके सिखाए गए, जिसमें हमारी छोटी सी लापरवाही के कारण बड़ी दुर्घटना हो जाती है जिससे जान और माल दोनों की हानि होती है कभी-कभी तो यह आग इतनी फैल जाती है कि इससे बड़े-बड़े जंगल भी राख के ढेर में बदल जाते हैं इसलिए अगर हम अग्नि को हल्के में लेंगे तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं ।
इस अवसर पर प्रोफेसर नीतू मनोचा, प्रोफेसर रितु भारद्वाज और प्रोफेसर मनीष ने अहम भूमिका निभाई ।

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