हरियाणा प्रदेश के सभी निजी स्कूल होंगे RTI एक्ट 2005 (जन सूचना अधिकार कानून ) के दायरे. कोई भी निजी स्कूल सूचना देने से मना नही कर सकते
BOL PANIPAT : हरियाणा प्रदेश के सभी निजी स्कूलो पर अब जन सूचना अधिकार कानून होगा लागू, मामला इस प्रकार है, पहले कोई भी आमजन निजी स्कूलों पर RTI एक्ट के तहत कोई सूचना मांगता था तो निजी स्कूल ये जवाब देते थे की निजी स्कूल RTI एक्ट के अधीन नही है इसलिय सूचना देने को मना कर देते थे,! ओर अपना पीछा छुड़ा लेते थे, ओर अपने काले चिट्ठे छुपा लेते थे, ! जिसके उपरांत ये मामला राज्य जन सूचना आयोग के पास पहुंचा जिस पर आयोग ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी निजी स्कूल जन सूचना अधिकार कानून के तहत सूचना देने के लिये बाध्य है, ओर ऐसा ही मामला वर्ष 2019में माननीय उच्च न्यायालय पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में पहुँचा जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रदेश की सभी सोसाइटी जन सूचना अधिकार के दायरे में आती है, ओर सभी निजी स्कूल सोसाइटीयो के अधीन चल रहे है, ओर उसी आधार पर निजी स्कूल भी जन सूचना अधिकार के तहत सूचना देने के लिये बाध्य है, इन्ही को लेकर प्राइवेट स्कूलो ने इसे माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिस पर लगभग 6 माह पहले उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देशित किया था कि ऐसे मामलों पर निजी स्कूलों पर सख़्त कार्यवाही ना कि जाए, जिसके बाद इस केस की तारीख 05-05-2022 को थी, इस तारीख पर निजी स्कूलों केस को खारिज /डिस्पोज़ ऑफ कर दिया, निजी स्कूलों ने अपना केस वापिस ले लिया गया, ओर उसी आधार पर अब निजी स्कूल RTI के दायरे में शामिल है, अब भारतीय कोई भी नागरिक किसी भी निजी स्कूल से संबंधित सूचना RTI एक्ट 2005 से ले सकता है, कोई भी निजी स्कूल सूचना देने से मना नही कर सकता है,अगर कोई भी नागरिक किसी भी निजी स्कूल से संबंधित सूचना लेना चाहता है तो वो सीधे स्कूल को सूचना के लिये सूचना पत्र भेज सकता है मांगे जाने वाली सूचना पत्र के साथ नियमानुसार RTI फीस 10 रुपये का पोस्टल आर्डर, या बैंक ड्राफ्ट संलग्न करके भेजे, उसके उपरांत 1 माह में स्कूल सूचना न दे तो प्रथम अपील अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी होता है उसे प्रथम अपील भेजे, अगर फिर भी सूचना न मिले तो सीधे कमीशन में जाने का अधिकार है, सूचना कमीशन के माध्यम से स्कूल से सूचना तो दिलवाई जाएगी साथ ही प्रतिदिन के हिसाब से सूचना मांगने वाले को नियमानुसार राशि भी मिलेगी,ओर सूचना समय पर न देने के कारण स्कूल पर जुर्माना भी लगेगा

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