सौर ऊर्जा भविष्य की जरूरत है और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना इस दिशा में आम परिवारों को सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम : उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
ज़िले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने पकड़ी रफ्तार, 7,586 आवेदन जारी
19 अगस्त तक 4,752 आवेदनों को मिली स्वीकृति, 543 आवेदन जुलाई और 239 अगस्त में जारी
पीएम सूर्य घर योजना से उपभोक्ताओं को राहत, बिजली बिल घटाने के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम
जिले में 9,801 के लक्ष्य के मुकाबले 7,586 आवेदन, 4,752 हुए जारी
BOL PANIPAT , 22 अगस्त। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन एवं बिजली विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं और हजारों आवेदनों को जारी किया जा चुका है।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि प्रशासन का जोर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ पहुंचाने तथा घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली की बचत को बढ़ावा देने पर है।
विदित रहे कि 19 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में योजना के तहत 9,801 के लक्ष्य के मुकाबले 7,586 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,752 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। कुल लक्ष्य की तुलना में आवेदन प्राप्ति का प्रतिशत 77.40 प्रतिशत, जबकि जारी आवेदनों का प्रतिशत 48.48 प्रतिशत रहा है। जुलाई 2026 में 543 तथा अगस्त माह में 239 आवेदन जारी किए गए। 18 अगस्त को भी 11 आवेदन जारी किए गए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है । इसका सीधा लाभ आम परिवारों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना केवल बिजली की बचत का माध्यम नहीं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पात्र परिवारों को योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के लंबित आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए और पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि हर घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का उद्देश्य बिजली की जरूरत को स्थानीय स्तर पर पूरा करना और परिवारों के बिजली खर्च को कम करना है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा लक्ष्य को गति के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
ध्यान दे कि
सब अर्बन डिवीजन में 3,428 के लक्ष्य के मुकाबले 3,073 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का 89.64 प्रतिशत है। यहां 1,886 आवेदन जारी किए जा चुके हैं।
वहीं समालखा डिवीजन में 3,324 के लक्ष्य के मुकाबले 2,920 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 1,786 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। समालखा डिवीजन में आवेदन प्राप्ति का प्रतिशत 87.85 प्रतिशत रहा।
सब-डिवीजन स्तर पर बिहौली में 546 के लक्ष्य के मुकाबले 782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का 143.22 प्रतिशत है। इनमें 465 आवेदन जारी किए जा चुके हैं।
इसी प्रकार सब अर्बन में 937 के लक्ष्य के मुकाबले 1,055 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 693 आवेदन जारी किए गए हैं।
इसराना में 1,076 के लक्ष्य के मुकाबले 1,029 आवेदन और 644 जारी आवेदन दर्ज किए गए हैं।
बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता आदित्य कुंडू ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर विभागीय स्तर पर पात्र उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा किया जाए और लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में किसी तरह की कठिनाई न आए। उन्होंने उपभोक्ताओं से योजना की जानकारी प्राप्त कर पात्र होने पर आवेदन करने की अपील की।
उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की जरूरत है और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना इस दिशा में आम परिवारों को सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिले में योजना को केवल सरकारी लक्ष्य के रूप में नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, कम बिजली खर्च और आत्मनिर्भर परिवारों के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

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