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वैश्विक स्तर पर बढ़ रही उर्जा की मांग में सौर उर्जा सबसे बड़ा विकल्प: एसीएस पीके दास

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at February 22, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 22 फरवरी। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही उर्जा की मांग को कम करने के लिए सौर उर्जा सबसे बड़ा विकल्प है। आज के समय में पानीपत जैसे जिला में जोकि टैक्सटाईल हब के रूप में विख्यात है। यहां सौर उर्जा को पैदा करने की सम्भावनाएं बहुत ज्यादा है जिस पर हम सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। यह बात नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के.दास ने स्थानीय स्काईलार्क में आयोजित वर्कशॉप में उपस्थित जिला के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को वर्चुअल रुप से सम्बोधित करते हुए कही।

उर्जा उत्पादन के लिए नही है लाईसेंस की जरूरत: हनीफ कुरैशी

स्थानीय स्काईलार्क में आयोजित इस कार्यशाला में पंहुचे नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विभाग के महानिदेशक हनीफ कुरैशी ने उपस्थित सभी औद्योगिक संगठनों से अपील की कि उर्जा उत्पादन के लिए किसी भी संस्थान को लाईसेंस लेने की जरुरत नही है। सरकार ने उर्जा उत्पादन को लाईसेंसरहित किया है ताकि लोग और संस्थान अपने परिसरों में ही सौर उर्जा पैनल लगवाकर उर्जा को पैदा कर सकें और उसका विक्रय भी कर सकें।

उन्होंने सभी औद्योगिक संस्थानों से अपील की कि वे सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए अपने परिसरों में सौर उर्जा सिस्टम लगवाएं। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रीय स्तर पर एमएसएमई में उर्जा को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई गई है। सभी औद्योगिक संस्थानों को इनका फायदा उठाना चाहिए। सरकार एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सौर उर्जा के इस्तेमाल पर भी सबसिडी दे रही है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

डॉ हनीफ कुरैसी ने लोगों से कहा कि वे अपने औद्योगिक संस्थानों में एनर्जी ऑडिट जरुर करवाएं ताकि सम्बंधित एजेंसी को उर्जा की खपत और इसकी बचत का भी अंदाजा मिल सके। उसी को लेकर सौर उर्जा पैनल या प्लांट स्थापित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बारे में देश के लोगों से आह्वान किया है कि वे सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। उन्होंने सभी औद्योगिक संस्थानों से अपील की कि वे रुफटॉप प्लांट स्थापित करने के बारे में दिलचस्पी दिखाएं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी प्रोजेक्ट को बनाकर उपायुक्त के माध्यम से भेज सकते हैं। उस पर व्यक्तिगत दिलचस्पी लेकर काम किया जाएगा। जिससे बिजली की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। उन्होने कहा कि इनवर्टर को चार्ज करने के लिए बिजली की खपत होती है और इससे बिल भी अधिक आता है। हयिाणा सरकार ने बिजली की खपत को कम करने के लिए व सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सौलर पैनल पर अनुदान देने की व्यव्स्था की है।

पानीपत जिला सौर उर्जा को बढावा देने में कर सकता है मॉडल स्थापित: डीसी सुशील सारवान

उपायुक्त सुशील सारवान ने जिला प्रशासन की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि पानीपत जिला सौर उर्जा के मामले में एक मॉडल स्थापित कर सकता है। इसके लिए जिला से ही प्रयास शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पानीपत के औद्योगिक संस्थान इसके लिए पहल करेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रदेश और केन्द्र सरकार की ओर से चलाई गई इन योजनाओं का लाभ उठाएं।
एमएसएमई के निदेशक संजीव चावला ने कहा कि उद्योगों में सबसे ज्यादा खर्च उर्जा पर ही होता है। उन्होंने कहा कि कलस्टर स्कीम के तहत कॉमन बायलर स्थापित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यमुनानगर में भी कई ऐसी योजनाएं प्रोजेक्ट के तहत चलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह पानीपत में भी इस तरह की सम्भावनाएं बनाई जा सकती है। औद्योगिक संस्थानों की ओर से भीम राणा, प्रीतम सचदेवा और राजेन्द्र जैन ने ऐसे कार्यक्रम के लिए सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्तमान में महंगा कोयला और एनसीआर में इसके उपयोग और पाबन्दी को देखते हुए सौर उर्जा सबसे अच्छा विकल्प है।

उन्होंने कहा कि इसको लेकर सामुहिक रूप से इस पर चर्चा की जाएगी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने सभी का धन्यवाद किया। इस बैठक में नई दिल्ली सिदबी की महाप्रबंधक अनुभा प्रसाद, इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन के तकनीकी विशेषज्ञ योगेश सूद, निटरा की ओर से विशेषज्ञ विकास शर्मा, औद्योगिक व वाणिज्य विभाग हरियाणा के उपनिदेशक बॉयलर संजय शर्मा ने भी तकनीकी रूप से अपने विचार रखे और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया। इस मौके पर एडीसी कार्यालय के परियोजना अधिकारी राजेश हुड्डा व सहायक परियोजना अधिकारी सुमेर राठी भी उपस्थित रहे।

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