राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू किया राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान
-टोल फ्री नंबर 15100 पर भी जानकारी ले सकते हैं नागरिक
BOL PANIPAT ,1 अगस्त। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने राष्ट्र के लिए मध्यस्थता विषय पर 90 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि वे अपने विवादों को कोर्ट की लंबी प्रक्रिया में ले जाने की बजाय मध्यस्थता से हल करें।
सीजेएम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव वर्षा शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है कि मध्यस्थता एक आसान, सस्ता और भरोसेमंद तरीका है। इससे समय और पैसे की बचत होती है। रिश्तों में सुधार आता है। यह प्रणाली खासकर ग्रामीण इलाकों के लिए फायदेमंद है, जहां छोटे मामलों में भी लोग सालों तक न्याय का इंतजार करते हैं।
सीजेएम ने बताया कि मध्यस्थता के योग्य मामलों में वैवाहिक विवाद, सडक़ दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा (गैर-आपराधिक), चेक बाउंस, उपभोक्ता विवाद, भूमि अधिग्रहण, ऋण वसूली, बंटवारा, संपत्ति विवाद, सेवा और व्यवसायिक मामले शामिल हैं। समझौता योग्य आपराधिक मामले भी मध्यस्थता से सुलझाए जा सकते हैं। इस अभियान का लाभ उन लोगों को मिल सकता है जिनका कोई मामला अदालत में लंबित है और जो पारिवारिक, व्यक्तिगत या व्यवसायिक विवादों में उलझे हैं।
उन्होंने बताया कि अदालतें ऐसे पक्षों को मध्यस्थता के लिए भेज रही हैं ताकि विवाद जल्दी सुलझ सकें। सीजेएम ने बताया कि नागरिक अपने नजदीकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या जिला मध्यस्थता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। जिस अदालत में मामला लंबित है, वहां से भी जानकारी ली जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों को सुरक्षित, भरोसेमंद और तेज न्याय प्रणाली से जोडऩे का प्रयास है। इससे समाज में शांति और सहयोग का माहौल बन सकेगा।

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