जिले में गोद लेने की प्रक्रिया को मिला नया आयाम: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
बच्चों के पुनर्वास की मजबूत पहल, इच्छुक दंपत्तियों को मिलेगा काउंसलिंग सहारा
BOL PANIPAT : 21 अप्रैल। जिले में जरूरतमंद और असहाय बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे बच्चे जो परित्यक्त, अनाथ या देखरेख से वंचित पाए जाते हैं, उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। जिन बच्चों के माता-पिता या संरक्षक मिल जाते हैं, उन्हें उचित सत्यापन के बाद उनके परिवार को सौंप दिया जाता है। वहीं जिन बच्चों के संरक्षक नहीं मिल पाते, उन्हें गोद लेने की प्रक्रिया (अडॉप्शन) के तहत आगे भेजा जाता है।
गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होने तक इन बच्चों को बाल देखरेख केंद्र या स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी (एस.एस.ए.) में सुरक्षित रखा जाता है। उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई गैर-सरकारी संस्था इस क्षेत्र में कार्य करने की इच्छुक है, तो वह जिला बाल संरक्षण समिति से संपर्क कर सकती है। इसके अलावा, ऐसे दंपत्ति जो बच्चा गोद लेना चाहते हैं लेकिन किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं, उनके लिए जिला बाल संरक्षण समिति द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। इच्छुक परिवार जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण समिति, पानीपत कमरा नंबर 407, चौथी मंजिल, जिला सचिवालय, पानीपत अथवा फोन नम्बर 0180-2641574, 0180-2642574, 9255644002 पर संपर्क कर पूरी जानकारी ले सकते हैं।

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