बिना अनुमति चुनाव प्रचार पर सख्ती. फ्लाइंग स्क्वाड टीमें करेंगी कार्रवाई.
-बगैर अनुमति चुनाव प्रचार सामग्री लगाने पर रोक, डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
-जिलाधीश के आदेश: प्रिवेंशन ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत बिना अनुमति प्रचार पर होगी कानूनी कार्रवाई
BOL PANIPAT : 22 अगस्त। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में बिना अनुमति के किसी भी निजी भवन और संपत्ति पर झंडा, पोस्टर, बैनर सहित दीवारों पर स्लोगन इत्यादि लिखने पर प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश डाक्टर वीरेन्द्र कुमार दहिया ने पुलिस व संबंधित एजेंसियों को सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है। चुनाव के मद्देनजर गठित एफएसटी टीमें भी इस पर कार्यवाही अमल मे लाएगी। फ्लाइंग स्क्वायड सार्वजनिक स्थानों पर चुनाव से संबंधित पोस्टर, बैनर लगाने वालों पर आदर्श आचार संहिता के तहत एक्शन लेगी। किसी भी भवन पर इस तरह की प्रचार सामग्री लगाने के लिए मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र अथवा स्वीकृति पत्र अवश्य लेना होगा।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेश अनुसार अनुमति लिए बिना लगाए गए झंडे और अन्य सामग्री के लिए संबंधित उम्मीदवार, पार्टी, व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई प्रत्याशी निजी संपत्ति पर बिना अनुमति के प्रचार सामग्री लगाता है, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 425, 426, 527 और 433 के तहत तथा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट और म्यूनिसिपल नियमावली के तहत भी कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। किसी भी सार्वजनिक भवन अथवा संपत्ति पर चुनाव प्रचार संबंधी किसी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाना भी गैरकानूनी है। इसके अतिरिक्त किसी भी साइन बोर्ड, मील पत्थर, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म, हाइवे, नोटिस बोर्ड और यात्रियों व आम जनता की सुविधा के लिए लगाए गए नोटिस बोर्ड इत्यादि पर भी इस तरह की चुनाव प्रचार सामग्री लगाना उक्त एक्ट की परिभाषा में आता है। चुनाव के दौरान निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री को प्रयोग करने के लिए संबंधित संपत्ति मालिक व निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है।

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