छात्रों व श्रमिकों को नशे के खिलाफ जानकारी देकर जागरूक किया. नशा रोकने के लिए आगे आएं. मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दे जानकारी.
BOL PANIPAT : 02 सितम्बर 2025, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस टीम ने मंगलवार को मांडी गांव के सरकारी स्कूल में छोत्रों को और गांव नामुंडा के पास स्थित फैक्टरी में श्रमिकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर राष्ट्रीय हेल्पलाइन मानस 1933 के बारे में जागरूक किया।
पुलिस टीम दारा इस दौरान नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान बारे विस्तार से बताया कि किस प्रकार नशा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य तो बिगड़ता ही है, साथ ही उसका सामाजिक जीवन, शिक्षा और भविष्य भी प्रभावित होता है। नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
टीम द्वारा बताया गया कि नशे की ओर आकर्षित करने वाले कई कारक होते हैं, जैसे दबाव, गलत संगत या जिज्ञासा। जागरूकता और आत्म-नियंत्रण इससे बचने का सबसे कारगर तरीका है।
पुलिस टीम ने इस दौरान नशाखोरी की शुरुआती पहचान, इसकी लत से बचने के उपाय, और यदि कोई व्यक्ति या उनका परिचित इस समस्या से जूझ रहा है तो उन्हें कहा और कैसे मदद मिल सकती है, इस बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। श्रर्मिकों को प्रेरित किया कि वे एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवन शैली अपनाएं और अपने आस पास के लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें।
नशा रोकने के लिए आगे आएं, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें जानकारी
पुलिस टीम ने इस दौरान राष्ट्रीय हेल्पलाइन मानस 1933 के बारे में विस्तार से बताया और नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की नशीली दवाओं के व्यापार, तस्करी की जानकारी हो, तो वे सरकार द्वारा जारी किए नेशनल नारकोटिक्स मानस हेल्पलाइन 1933 पर तुरंत सूचित करें।
नशे से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, नागरिक बिना किसी डर या संकोच के नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से जुड़ी जानकारी साझा करे। यह हेल्पलाइन नंबर सातों दिन 24 घंटे सक्रिय है।
अभियान के जिला नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने कहा कि नशे से शरीर का नुकसान होने के अतिरिक्त पैसों की भी बर्बादी होती है। नशा करने वाले व्यक्ति का ध्यान अपराध की तरफ बढ़ता है। युवाओं को नशे की गर्त से बचाने के लिए हरियाण पुलिस लगातार प्रयासरत है। नशे से संबंधित कोई भी सूचना टोल फ्री नंबर 1933 पर या नजदीकी पुलिस थाना में दे, ताकी नशा तस्करों को काबू कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा सके और नशे जैसी बुराई को समाप्त किया जा सके।

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