एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ डिप्लोमा कोर्स के सफल विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स देकर किया गया सम्मानित
श्रीगीता एकाउंटिंग इंस्टिट्यूट पानीपत के सहयोग से विद्यार्थियों को ‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ स्कीम के तहत किया गया प्रशिक्षित विद्यार्थियोंको आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है इस कोर्स का उद्देश्य: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 10मई.एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में बीए, बीकॉम और बीएससी कर रहे विद्यार्थियों के लिए शुरू किये गए ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ के सफल छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और कोर्स की प्रभारी डॉ दीपा वर्मा ने सर्टिफिकेट्स देकर सम्मानित किया और उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया.विदित रहे कि ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ के लेवल एक, दो और तीन का कोर्स कॉलेज में शुरू किया गया है. आज लेवल एक के सफल विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट दिए गए. इस कोर्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए पानीपत स्थित श्री गीता अकाउंटिंग इंस्टीट्यूट का विशेष सहयोग रहा. प्रशिक्षक साक्षी चावला, जितेन्द्र चावला और सोनू नेटैलीट्रेनिंगको सरलता के साथ विद्यार्थियों को सिखाया. आत्मनिर्भर मिशन के अंतर्गत‘अर्नव्हाइल यू लर्न’ स्कीमके तहत विद्यार्थियों को बहुत ही कम फीस पर इस डिप्लोमा कोर्स को करवाया गया जिसकी प्रभारी डॉ दीपा वर्मा को बनाया गया. कोर्स में कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा कॉलेज के बाहर पढ़ रहे विद्यार्थियों को मिलकर कुल 35 विद्यार्थियों का चयन किया गया. इस कोर्स की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि डिप्लोमा कोर्स के लिए विद्यार्थियों से मात्र 2000 रुपये लिए लिए गए जबकि इस कोर्स की आमतौर पर फीस 20 हजार से भी ज्यादा होती है. इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं को जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, को आत्मनिर्भर बना कर उन्हें खुद के व्यवसाय या एकाउंटिंग के कार्य करने हेतु प्रेरित करना है. वर्तमान में टैली का कोर्स सीखने के बाद अपार संभावनाओं के द्वार खुलजाते है. पढ़ाई के साथ यदि विद्यार्थियों के स्किल का भी विकास हो जाए तो भविष्य में ऐसे छात्र-छात्राएं न सिर्फ खुद रोजगार पाते है बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने योग्य बन जाते है. पढ़ते समय ही यदि खुद की कमाई होने लगे तो ऐसी कमाई सेन सिर्फ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ता है बल्कि वे जीवन में खुद को स्थापित कर पाते है. कॉलेज के प्राध्यापकों एवं अन्य सफल एक्सपर्ट्स केमार्गदर्शनमें इन 35विद्यार्थियों को स्टार्ट अप इंडिया और कौशल विकास जैसी स्कीमों के माध्यम से अपने हुनर को निखारने का मौका मिला है. लेवलएक डिप्लोमा कोर्स में सर्टिफिकेट हासिल करने वाले विद्यार्थियों में आस्था, अदिति, परवीन, मुस्कान, वंशिका, भरतशर्मा, अंजलि, आकाश, सलोनी, ख़ुशी आदिशामिल रही. सभी सफल विद्यार्थियों को टैली कोर्स की एक वर्ष की सदस्यता भी नि:शुल्क दी गई. डिप्लोमा कोर्स में बेसिक्स ऑफ़ एकाउंटिंग, एकाउंटिंग के सिद्धांत, जनरल लैज़र, बैलेंस शीट्स, जीएसटी, इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग आदि विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया.प्रधानपवन गोयल ने कहा कि कौशल विकास को छात्राओं के मध्य पहुंचाने के लिए प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके लिए जो भी प्रशिक्षण, प्रशिक्षक, विषय एक्सपर्ट चाहिए उसका प्रबंध अवश्य किया जायेगा. विद्यार्थियों के आत्मनिर्भर, विकास और भविष्य निर्माण में आर्थिक व्यय को कभी आड़े आने नहीं दिया जाएगा. प्रबंधन प्रत्येक विद्यार्थी के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करता है. इस डिप्लोमा कोर्स के लेवल एक के कामयाबी से पूरा होने पर सभी को बधाई. प्राचार्यडॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत कॉलेज इतिहास में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी.आत्मनिर्भर स्कीम के अंतर्गत शुरू इस ‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ कोर्स के लिए कॉलेज में समुचित व्यवस्था की गई है और इन्हें आने वाले समय में बेहतर से बेहतर बनाया जाएगा.इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है और उन्हें खुद कमाई करने के लिए प्रोत्साहित करना है. विद्यार्थियों को भी चाहिए कि वे अपनी छुपी हुई प्रतिभा और हुनर के अनुरूप स्टार्ट अप इंडिया जैसी स्कीमों के माध्यम से इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएं. विद्यार्थियों को दूसरों पर निर्भर न रहकरआत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनना चाहिए. जॉब लेने की बजाय उन्हें जॉब देनेवाला बनना चाहिए. ‘टैली एसेंशियल प्राइम’ सॉफ्टवेयर का सफल प्रशिक्षण औद्योगिक नगरी पानीपत की मांग के हिसाब से बहुत ही सार्थक सिद्ध होगा. डॉ दीपा वर्मा ने कहा कि टैली कोर्स को सीखकर हम बहुत ही आसानी के साथनिजीक्षेत्र में नौकरी पा सकते है. पानीपत शहर वैसे भी उद्योगों का शहर है. बढ़ते खर्चों के कारण आज के युवा को भी जल्दी पैसे कमाने की जरूरत होती है और ऐसे में यह कोर्स उनकी बहुत मदद कर सकता है. जो विद्यार्थी पढने के साथ-साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाना चाहते है तो उनके लिए टैली को सीखना बहुत ही फायदेमंद हो सकता है. टैली के बाद हम किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहाँ पर या फिर किसी वकील के पास जाकर काम कर सकते है. टैली को सीखने के बाद हम किसी व्यवसायी या किसी दुकानदार को भी अपनी सेवाएं दे सकते है.

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