BOL PANIPAT : आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित अन्तर सदन डॉक्यूमेंट डिजाइन प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया तथा अपनी कलात्मकता और बौद्धिक कुशलता का सर्वोत्तम प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता को कक्षा चार से छह के बीच में करवाया गया और प्रतियोगिता का संचालन अध्यापिका कोमल के कुशल निर्देशन में हुआ । आज की इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका कंप्यूटर विभाग अध्यक्षा हर्ष आनंद और विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी अरोड़ा ने निभाई।आज के आधुनिक इन्टरनेट युग में डाक्यूमेंट के आकर्षक डिजाइन बनाकर कम्प्यूटर पर अपनी कुशलता दिखाई। आज की प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान पर दयानन्द और,दूसरा स्थान टैगोर सदन और नेहरू सदन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी अरोडा ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज का युग चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक है । विद्यालय में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार किया जा सकता है। Share this… Whatsapp Facebook Twitter
BOL PANIPAT : इंग्लिश भाषा में लेखन कौशल को बढ़ाने के लिए आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में इंग्लिश विभाग ने कक्षा नौवीं से 12वीं के लिए इंग्लिश निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई। इसमें विभिन्न विषयों पर छात्राओं ने अपनी कलम के कौशल से कागज पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। कक्षा नौवीं का विषय था -आधुनिक संबंधों में सोशल मीडिया तथा कक्षा दसवीं ने श्रम के महत्व पर अपने विचार लिखें इसी प्रकार कक्षा ग्यारहवीं नेकर्म के महत्व के विषय में लिखा तो कक्षा 12वीं ने आधुनिक समय में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी प्रतिभा और लेखन क्षमता का परिचय दिया। सभी विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता का परिणाम कक्षा नौवीं और दसवीं के लिए अंतर सदन घोषित किया गया -जिसमें दयानंद सदन की निकिता ने बाजी मारी तो विवेकानंद सदन की तनीषा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया और टैगोर सदन की नैना तीसरे स्थान पर रही। कक्षा 11वीं और 12वीं परिणाम कक्षा अनुसार घोषित किए गए जिसमें कक्षा 12वीं की राधा मान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि निधि सहगल कक्षा ग्यारहवीं (ब) की दूसरे स्थान पर रही एवं तीसरे स्थान पर कक्षा 12वीं(ई ) की छात्रा संजना रही।विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी अरोड़ा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लेखन से हमारे शब्दकोश में वृद्धि होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है ।इसीलिए प्रत्येक को लेखन कौशल को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए और विद्यालय में होने वाली इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों के प्रयास में सहायक बनती हैं। Share this… Whatsapp Facebook Twitter
–शिक्षा का अर्थ केवल शैक्षिक योग्यता ही नहीं अपितु विद्यार्थी को जीवन की हर क्षेत्र में महारत देना है फिर चाहे वह शैक्षिक हो सांस्कृतिक अथवा खेल से संबंधित हो। BOL PANIPAT : आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में आज कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित…