एसडी पीजी कॉलेज पानीपतमें बीए प्रथम वर्ष मेंप्रवेश लिए छात्र-छात्राओं के लिए इन्डक्शन प्रोग्राम का आयोजन
एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को बौद्धिक परंपरायें तथा तकनीकी कौशल पहुँचाने का केन्द्र है अध्यापक: डॉ अनुपम अरोड़ा
प्राचार्य, विभागाध्यक्षों एवं विभिन्न विषयों के प्रोफेसर्स ने किया छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में बीए प्रथम वर्ष मेंप्रवेश लिए नए छात्र-छात्राओं के लिए इन्डक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमे प्राचार्य डॉअनुपम अरोड़ा ने विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्रोफेसर्स के साथ मिलकर छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें मौजूदा सत्र में कॉलेज में होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिकएवं खेल-कूद की गतिविधियों और अनुशासन सम्बन्धी विस्तृतजानकारी दी. विभिन्नविभागाध्यक्षों में अंग्रेजी विभाग से डॉ नरेंद्र कौशिक,हिंदी विभाग से डॉ भारती गुप्ता, गणित विभाग से डॉ मुकेश पुनिया, राजनीति विभाग से डॉ इंदु पुनिया, गृह विज्ञान विभाग से प्रो गीता प्रुथी, शारीरिक शिक्षा विभाग से सुशीला बेनीवाल सहितअन्यविषयों के प्रोफेसर्स शामिल थे.उनके साथ डॉ एसके वर्मा, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ संतोष कुमारी, डॉ मोनिका खुराना, प्रो डेंनसन डी पॉल, प्रो सनी, प्रो स्माइली, प्रो संजीव, प्रो सुनील कुमार, प्रो कविता, प्रो जुगमती सांगवान, प्रो दीप्ति शर्माआदि ने भी कार्यक्रम में शिरकत की.इन्डक्शन प्रोग्राम केआयोजन का मकसद छात्र-छात्राओं को कॉलेज प्रांगण में आगमन के पश्चात उन्हेंकॉलेज के माहौल से अवगत करानारहाताकि उनका आत्मविश्वास जागृत हो और वे कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर लाभ उठा सके. प्रोग्राम की शुरुआत सांस्कृतिक गतिविधियों से हुई जिसका उद्देश्य नए छात्र-छात्राओं के मन में व्याप्त संकोच को खत्म करना और उनकेआत्मविश्वास को बढ़ाना था.कार्यक्रम में हनुमान चालीसा के पाठ की प्रस्तुति ने सभी के ह्रदय को छु लिया.

डॉ अनुपम अरोड़ा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें कॉलेज में होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं खेल-कूद की गतिविधियों में हिस्सा लेने को प्रेरित किया. उन्होनें विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी की टीचर-मेंटर के माध्यम से वे अपनी किसी भी शिकायत या परेशानी का निवारण कर सकते है. उन्होनें विद्यार्थियों को एसडी पीजी कॉलेज में दाखिला लेने पर बधाई दी और कहा की उन्हें यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी जिसमे मूल्योंऔर संस्कारों का समावेश होगा. उन्होनें कहा की छात्राओं को कॉलेज कैंपस में पूर्ण सुरक्षा मिलेगी और किसी भी अनुशासनहीनता कोबिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होनें कहा की देश के विख्यात सभी वैज्ञानिक ग्रामीण और अभाव युक्त पृष्ठभूमि से आये है और ऐसे में हर छात्र को इस बात पर फख्र होना चाहिए की उसे शहर के इस कॉलेज में पढने का अवसर मिला है. जिस छात्र को खुद पर यकीन है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है. शिक्षा का अर्थ मात्र पैसा कमाना नहीं होता है बल्कि शिक्षा हमें सही-गलत का फर्क करना भी सिखाती है. शिक्षा में एक अच्छा और नेक इंसान बनाती है. संस्कार युक्त शिक्षा के परिणाम ज्यादा सुन्दर और मजबूत होते है.उन्होनें छात्र-छात्राओं को धर्म और जाती सेऊपर उठकर कर खुद को इस देश का सच्चा नागरिक बनाने का आह्वान किया. कॉलेज के लिए हर छात्र-छात्र समान है और सारी सुविधाएँ सभी के लिए है. उन्होनें कला विषयों में छुपी अपार संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया. उन्होनें छात्र-छात्राओं से कहा की वे पढ़ाई के साथ-साथ किसी ऐसे कोर्स या पाठ्यक्रम में भी रूचि ले जिसकी औद्योगिक नगरी पानीपत में मांग है. मेंटर की भूमिका और उपयोगिता पर बोलते हुए उन्होनें कहा की अपने सपनों को पूरा करने तथा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक सलाहकार का होना नितांत आवश्यक है और यह एक भाई, बहन, अध्यापक या मित्र कोई भी हो सकता है.यही कार्य एक मेंटर करता है. मेंटर हमें सही मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन देता है.वह हमारी क्षमताओं की सीमाओं को एक नए तरीके से आगे बढाता है तथा हमारे लक्ष्यों को पूर्ण करने की ओर पहला कदम उठाता है. वह लगातार हमें प्रोत्साहित करके हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता रहता है जिससे हमारा सर्वोत्तम प्रदर्शन सामने आ पाता है. मेंटर-टीचर विद्यार्थियों के पथ में उनको सही मार्गदर्शन तथा सहायता प्रदान करता है.

डॉ मोनिका खुराना ने कहा की प्राध्यापक विद्यार्थियों को अनुशासित करने के साथ-साथ शिक्षा के माध्यम से उनका मार्गदर्शन भीकरते हैं. विद्यार्थी कैरियर, कोर्सेज हेतू विस्तृत सलाह केवल अपने शिक्षकों से ले सकते है और इसी उद्देश्य हेतु इस इन्डक्शन प्रोग्राम को आयोजित किया गया है. यह प्रोग्राम विद्यार्थियों को उचित निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होगा, ऐसी उन्हें आशा है.
पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने अपने सन्देश में कहा की प्राचीन समय से ही शिक्षक सही दिशा में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित तथा मार्गदर्शित करते आ रहे हैं. वे न केवल सही कैरियरकेचयन में उनकीसहायता करते हैं बल्कि एक अच्छा इंसान बनने की शिक्षा भी उन्हें देते हैं.

इस अवसर पर विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्रोफेसर्स ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनके मन में व्याप्त जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों के उत्तर दिए जिनमे डॉ मोनिका खुराना, डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ भारती गुप्ता, प्रो अन्नू आहूजा,डॉ एसके वर्मा शामिल रहे.

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