Monday, October 5, 2026
Newspaper and Magzine


आर्य पीजी कॉलेज में थैलेसीमिया जाँच एवं परामर्श शिविर का हुआ आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 28, 2026 Tags: , , , , , ,

–    50 से अधिक मरीजों को मिला विशेषज्ञ परामर्श, एनएसएस स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्थाएँ

BOL PANIPAT , सोमवार 28 सितंबर 2026 : आर्य पीजी कॉलेज की एनएसएस इकाई और पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में थैलेसीमिया जाँच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. वी.पी. चौधरी और नेशनल थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के महासचिव डॉ. जे.एस. अरोड़ा ने मुख्य चिकित्सक एवं विशेषज्ञ के रूप में शिरकत की। कॉलेज प्रांगण मे पहुँचने पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने इनका स्वागत किया। इस मौके पर  शिविर में थैलेसीमिया से प्रभावित 50 से अधिक मरीज अपने अभिभावकों के साथ पहुँचे और चिकित्सकों ने मरीजों की जाँच कर परिवारों को उपचार तथा नियमित देखभाल के संबंध में परामर्श दिया।

साथ ही कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष विक्रांत महाजन और संस्था के अन्य सदस्यों का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने इस नेक कार्य के लिए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह और डॉ. सोनिया सोनी को बधाई दी।

शिविर को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता कहा कि थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ सामाजिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास ऐसे परिवारों तक उपयोगी जानकारी और सहायता पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

शिविर में वरिष्ठ परामर्शदाता हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. वी.पी. चौधरी और नेशनल थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के महासचिव डॉ. जे.एस. अरोड़ा ने मरीजों की जाँच कर उन्हें परामर्श दिया। दोनों चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को थैलेसीमिया के लक्षणों, सावधानियों और नियमित चिकित्सकीय देखभाल के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि मरीज की स्थिति के अनुसार चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाएँ समय पर लेना, आवश्यक जाँच कराना और सलाह के अनुसार समय पर रक्ताधान करवाना स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। उन्होंने अभिभावकों से उपचार और फॉलोअप में नियमितता बनाए रखने का आग्रह किया।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह और डॉ. सोनिया सोनी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि समाजसेवा एनएसएस की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शिविर में आए बच्चों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया तथा आयोजन में सहयोग देने वाले चिकित्सकों, सोसायटी के सदस्यों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समन्वयक प्रो. पंकज चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित परिवारों को विशेषज्ञों से सीधे बातचीत का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि नियमित जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों को समय पर जाँच और चिकित्सकीय परामर्श का महत्व समझाने में मदद मिलती है।

पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष विक्रांत महाजन ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोसायटी प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों की सहायता के लिए नियमित रूप से कार्य करती है तथा त्रैमासिक अंतराल पर भी ऐसे शिविर आयोजित करती है। उन्होंने कॉलेज की एनएसएस इकाई के सहयोग और स्वयंसेवकों की सेवाओं की सराहना की।

कार्यक्रम का भावपूर्ण क्षण तब आया जब थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चों ने प्रस्तुतियाँ दीं और अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। शिविर के दौरान एनएसएस के 20 से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण, मरीजों और अभिभावकों के मार्गदर्शन तथा चिकित्सकों के सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाई।

इस अवसर पर पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी की ओर से पायल, शिवाली, श्वेता, सोनिया, गरिमा, प्रिया, जतिन मक्कड़, सोमनाथ वर्मा, संदीप मलिक, साहिल नारंग और भावुक उपस्थित रहे। कॉलेज के गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी आयोजन में सहयोग दिया।

Comments


Leave a Reply