बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया विद्या भारती मॉडर्न स्कूल के तत्वावधान में देश का 74वां गणतन्त्र दिवस
BOL PANIPAT : 26 जनवरी 2023ः- विद्या भारती मॉडर्न स्कूल के तत्वावधान में देश का 74वां गणतन्त्र दिवस खादी आश्रम, जी.टी.रोड़, पानीपत में बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर निर्मल दत्त, अध्यक्षा, खादी आश्रम, पानीपत ने ध्वजारोहण किया। इस कार्यक्रम में खादी आश्रम पानीपत एवं भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ पानीपत के कार्यकर्ताओं तथा विद्या भारती मॉडर्न स्कूल के स्टाफ ने भाग लिया।
खादी आश्रम, पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा तथा भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र, पानीपत व विद्या भारती शिक्षा समिति, पानीपत की सचिव निर्मल दत्त द्वारा इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज हम 74वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। संविधान बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा तथा 26 जनवरी 1950 को हमारा देश एक प्रजातांत्रिक गणराज्य बना था। इस दिन हमारे देश में संविधान लागू हुआ था। देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर कहानी 26 जनवरी का पर्व समेटे हुए है। उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास भारत की भूमि पर पग-2 में अंकित है। उन्होने आगे कहा कि भारत में पूर्ण स्वराज के लिए हमारे महान स्वतन्त्रता सेनानियों ने बहुत संघर्ष किया तथा अपने प्राणों की आहुतियां दी। अपने देश के लिए हम इनके समर्पण को कभी नहीं भूला सकते। हमारा यह दायित्व बनता है कि हम अपने स्वतन्त्रता सेनानियों के बलिदान को व्यर्थ न जाने दें। हम सभी को अपने देश की अखण्डता के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए। साथ ही साथ जो हमारे देश में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना है उसे बरकरार रखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान के द्वारा हमें कई अधिकार मिले हैं परंतु इसी संविधान के अनुसार हमारे मूल कर्तव्य भी निर्धारित किये गये हैं, उनके अनुसार हमें अपने संविधान का पालन करना है और उसके आदर्शों, राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रगान का आदर करना हैै। देश की रक्षा के लिए आह्वान किये जाने पर राष्ट्र की सेवा करनी है। धर्म, जाति, भाषा और प्रदेश के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करना है। अपनी सभ्यता और मूल्यों का परिरक्षण करना है। देश की प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करनी है जिसके कारण राष्ट्र विख्यात रहा है।
निर्मल दत्त ने आगे कहा कि हमारे राष्ट्रीय झण्डे में जो केसरिया रंग है वह देश के वीरों की वीरता, त्याग एवं बलिदान का प्रतीक है। सफेद रंग प्रकाश, एकता व शांति का प्रतीक है। हमने अपना जीवन और राष्ट्र का जीवन प्रकाशमय बनाना है। हरा रंग हरियाली एवं समृद्धि का प्रतीक है तथा राष्ट्रीय झण्डे में बना अशोक चक्र धर्म, प्रगति एवं विकास का प्रतीक है। हमें इन्हीं आदर्शों के अनुसार राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।
अन्त में निर्मल दत्त ने सभी उपस्थित नागरिकों एवं स्टाफ को राष्ट्र सेवा और राष्ट्र की स्वतन्त्रता, एकता और अखण्डता की रक्षा एवं स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने की प्रतिज्ञा भी दिलवाई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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